बेंगलुरू: यूपी में एसपी और बीएसपी के करीब आने से कांग्रेस अध्यक्ष इन दिनों काफी उत्साहित हैं. उन्होंने विपक्षी एकजुटता के दम पर ने केवल बीजेपी की हार की बात कही बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के उनके संसदीय क्षेत्र से हारने की बात कही है. कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि विपक्षी एकजुटता हो तो बीजेपी 2019 का चुनाव नहीं जीत पाएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बनारस की अपनी सीट पर हार का सामना करना पड़ सकता है. विपक्षी एकता पर अपना भरोसा जताते हुए राहुल ने कहा कि बीजेपी 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी और उनके खिलाफ अगर एसपी और बीएसपी एकजुट हो गई तो मोदी भी बनारस से अपनी सीट हार सकते हैं.

दलितों में गुस्से के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”स्पष्ट तौर पर मैं भाजपा को अगला चुनाव जीतते नहीं देख रहा हूं, ऐसे में मुझे लगता है कि 2019 में हम सामान्य हालात में लौट जाएंगे.” राहुल ने दावा किया कि वह उत्तर प्रदेश की राजनीति को समझते हैं. यदि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस साथ आते हैं तो भाजपा सिर्फ दो सीटें जीतेगी, वह भी भाग्य भरोसे. यदि तीनों पार्टियां साथ आती हैं तो मोदी शायद वाराणसी सीट भी हार जाए. उन्होंने कहा, ” मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वह तीनों दलों के खिलाफ खड़े होकर दिखाएं.

विपक्ष की एकता निश्चित स्तर पर
राहुल ने कहा कि दो मूल बातें हैं , एक बार यदि विपक्ष की एकता एक निश्चित स्तर से ऊपर चली जाए तो उनके लिए चुनाव जीतना असंभव हो जाएगा. अब विपक्ष की एकता एक निश्चित स्तर पर पहुंच गई है.

एसपी, बीएसपी और कांग्रेस साथ आए तो बीजेपी को सिर्फ 2 सीटें
राहुल ने उत्तर प्रदेश में विपक्ष का गठबंधन तोड़ने के भाजपा के विश्वास को हास्यास्पद बताया. राहुल ने दावा किया कि वह उत्तर प्रदेश की राजनीति को समझते हैं. यदि एसपी, बीएसपी और कांग्रेस साथ आते हैं तो भाजपा सिर्फ दो सीटें जीतेगी, वह भी भाग्य भरोसे.

राजस्थान, छत्तीसगढ़ , एमपी, हरियाणा में भी जीतेंगे
उत्तर प्रदेश और बिहार के अलावा डीएमके, टीएमसी और एनसीपीराकांपा द्वारा विपक्ष की एकता के लिए किए जा रहे प्रयासों का हवाला देते हुए राहुल ने सवाल किया,” वह (बीजेपी ) कहां पर सीटें जीतने वाले हैं ?’’ उन्होंने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश , गुजरात , हरियाणा पंजाब में भी हम जीत हासिल करेंगे. राहुल ने कहा ” आप उन्हें ऐसे भर – भरा कर गिरते हुए देखेंगे जैसा आपने पिछले कई वर्षों में नहीं देखा होगा.”

तीसरे मोर्चे के गठन का इनकार
कांग्रेस अध्यक्ष ने तीसरे मोर्चे के गठन को सिरे से खारिज कर दिया.

साथी दलों के हितों के टकराव से निपट लेंगे.
राहुल ने सभी दलों और उनके नेताओं के अलग – अलग हितों के बीच संयुक्त विपक्ष के गठन के सवाल पर इन सभी बाधाओं को पार पाने का विश्वास जताया. कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा,”हम इससे निपट लेंगे. कांग्रेस में हमें मालूम है कि लोगों को साथ लेकर कैसे चलना है, हम अहंकारी नहीं हैं, हम लोगों को कुचलते नहीं हैं और हम लोगों का जीवन बर्बाद नहीं करते हैं, ऐसे में हम संभाल लेंगे.”

मोदी के पास अच्छा करने का अवसर था
राहुल ने कहा , मूल बात यह है कि ”श्रीमान मोदी और आरएसएस ने देश को जिस दलदल में धकेला है” उसे वहां से बाहर कैसे निकाला जाए. उन्होंने ने कहा कि 2014 के चुनावों के बाद मोदी के पास बहुत अच्छा अवसर था, देश के लिए काफी कुछ किया जा सकता है.

राहुल की यात्रा का छठा चरण पूरा
राहुल का कहना है कि कर्नाटक में लोग उनकी पार्टी के पक्ष में हैं और उन्हें 12 मई को होने वाले चुनाव में जीत जरूर मिलेगी. राहुल ने अपनी यात्रा का छठा चरण पूरा होने के बाद यह आंकलन दिया है.. (इनपुट- एजेंसी)