कोटा. श्री राजपूत करणी सेना के करीब 50 कार्यकर्ताओं ने कोटा के एक सिनेमा हॉल में संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म ‘पद्मावती’ के टीजर की स्क्रीनिंग का विरोध करते हुए उपद्रव किया. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है.

गुमानपुरा पुलिस स्टेशन के सर्कल प्रभारी आनंद यादव ने बताया कि करणी सेना के सदस्यों ने बुकिंग काउंटर, खिड़कियों, दरवाजों और थियेटर के फर्नीचर को निशाना बनाया और तोड़-फोड़ की. थियेटर में कार्यकर्ताओं द्वारा पथराव करने की भी खबरें हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामूली बल प्रयोग किया जिसके बाद कार्यकर्ता वहां से हटे.

पद्मावती फिल्म के सारे प्रिंट जला दिये जाने चाहिए: विहिप

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हिंसा करने के सिलसिले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है और 30-40 लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. हिंसा के संबंध में अभी तक मामला दर्ज नहीं हुआ है. यादव ने बताया कि वह सिनेमा हॉल के प्रबंधक की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराने का इंतजार कर रहे हैं.

रानी पद्मावती के जीवन पर आधारित फिल्म ‘पद्मावती’ के टीजर की थियेटर में स्क्रीनिंग को लेकर कार्यकर्ता गुस्साए हुए थे. अधिकारी ने बताया कि विरोध के बाद टीजर की स्क्रीनिंग रोक दी गई.

विश्व हिन्दू परिषद ने भी किया है विरोध
वहीं  विश्व हिन्दू परिषद के नेता आचार्य धर्मेन्द्र ने फिल्म पद्मावती में इतिहास के साथ की गई कथित छेड़छाड़ पर तीव्र रोष व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म पद्मावती के सारे प्रिंट जला दिये जाने चाहिए और निर्माता/निर्देशक संजय लीला भंसाली पर मुकदमा चलाना चाहिए. आचार्य धर्मेन्द्र ने कहा कि फिल्म पद्मावती में जिस तरह के दृश्य दिखा कर हमारी महारानी पद्मावती के चरित्र का हनन किया जा रहा है, वह निदंनीय है. उन्होंने कहा, यह देशद्रोही और हिन्दू विरोधी है.