नई दिल्ली| संसद का मानसून सत्र शुक्रवार को तमाम विधायी कामकाज निपटाने के साथ ही खत्म हो गया. इसमें राज्यसभा में 80 फीसदी और लोकसभा में 78 फीसदी काम-काज हुआ है. दोनों सदनों को मिलाकर देखें तो औसतन 79 फीसदी काम-काज हुआ है. सरकार ने दोनों सदनों में हुए इस काम-काज पर संतोष जताया और अपने प्रदर्शन को बेहतर बताया है.

संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सत्र खत्म होने के साथ ही संसद भवन परिसर में दोनों सदनों में सत्र के दौरान हुए कामकाज का ब्यौरा दिया. उन्होंने बताया कि इस बार का मानसून सत्र 26 दिनों का था, जो 17 जुलाई से शुरु हुआ था. इस बीच दोनों सदनों में 19 बैठकें हुई. इस दौरान लोकसभा में 17 विधेयक पेश हुए थे, जिसमें 14 पास किए गए, जबकि राज्यसभा में 9 विधेयक पारित किये गए.

लोकसभा में देश में खाद्यान्न की स्थिति, देश में भीड़ की हिंसा और पीटकर मार देने की घटनाओं से पैदा हुई स्थिति पर चर्चा हुई, जबकि राज्यसभा में देश में अल्पसंख्यकों और दलितों पर भीड़ की हिंसा और पीटकर मार देने की घटना, देश में किसानों की आत्महत्या की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण किसानों के बेहाली पर चर्चा हुई.

मानसून सत्र में पिछले सत्र के मुकाबले हुए कम कामकाज के सवाल पर अनंत कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के चलते इस बार सत्र में कुछ कम काम हुआ है, लेकिन फिर भी काफी काम हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में इतनी कम अवधि में 14 विधेयक पारित होना एक उपलब्धि है और सदन में एक ही दिन में तीन विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जाना अपने आप में रिकार्ड है जो पिछले कई साल में नहीं हुआ.

अनंत ने कहा कि गत नौ अगस्त को दोनों सदनों में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा हुई और संकल्प अपनाया गया.