नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी ने अपने महासचिव और पूर्वोत्तर व जम्मू-कश्मीर के पार्टी प्रभारी राममाधव को कर्नाटक बुला लिया है. वह राज्य में पार्टी के प्रचार अभियान की देखरेख कर रहे हैं. माधव ने गुरुवार को बंगलूरू में संघ के पदाधिकारियों और समाज के बुद्धिजीवियों से लंबी चर्चा की. कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव है और भाजपा किसी भी कीमत पर दक्षिण के इस अहम राज्य में सत्ता में वापसी चाहती है.

गौरतलब है कि राममाधव हमेशा से पार्टी के संकट मोचक रहे हैं. उनके नेतृत्व में पार्टी ने पूर्वोत्तर के राज्यों में जबर्दस्त जीत हासिल की है. हाल ही में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में उन्होंने वाम किले को धवस्त कर पार्टी को शानदार जीत दिलाई थी. उनके नेतृत्व में ही भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में वैचारिक रूप से विरोधी रहे पीडीपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाई. राज्य के जम्मू क्षेत्र में भाजपा जबकि कश्मीर क्षेत्र में पीडीपी को शानदार जीत मिली थी.

कर्नाटक में भाजपा की जीत की है ये तैयारी, केंद्रीय मंत्रियों द्वारा प्रचार और बूथों पर शक्ति केंद्र

संघ से भाजपा में आए राममाधव को अब कर्नाटक में पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने का कमान सौंपा गया है. राज्य में पार्टी के चुनावी प्रचार की निगरानी माधव करेंगे. पार्टी में उनके सियासी कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर का प्रभार सौंपा गया है. दक्षिण की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी के लिए भाजपा का कर्नाटक जीतना बेहद अहम है. कर्नाटक में इस बार भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. कांग्रेस के लिंगायत कार्ड खेलने के कारण भाजपा को अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करना पड़ा है.

येदियुरप्पा पर ही पार्टी निर्भर
कर्नाटक के पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता बी.एस. येदियुरप्पा राज्य की राजनीति के सूरमा माने जाते हैं. 2011 में उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी, लेकिन कुछ ही वर्षों में पार्टी से ‘अलग-थलग’ पड़ने का प्रभाव देखने के बाद वे वापस आ गए. इस बार के चुनाव में वे पार्टी के सीएम पद के उम्मीदवार हैं. येदियुरप्पा राज्य के बहुसंख्यक लिंगायत समुदाय से हैं, चुनाव में यह भाजपा के लिए असरकारी साबित होगा. बी.एस. येदियुरप्पा के साथ-साथ बी. श्रीरामुलु ने भी भाजपा में वापसी कर ली है. 2013 के चुनावों में भाजपा की हार के कारणों में श्रीरामुलु का पार्टी से हटना भी माना जाता है. 2018 के चुनाव में भाजपा को येदियुरप्पा के साथ-साथ श्रीरामुलु का संग भी हासिल है. पार्टी यदि विधानसभा चुनाव जीतती है तो इन दोनों नेताओं का साथ आना बड़ा कारण होगा.