नई दिल्ली: रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि 2019 के आम चुनावों के बाद देश में फिर से बीजेपी और एनडीए की ही सरकार बनेगी. अठावले का मानना है कि सीटें भले कम हो जाएं, लेकिन सरकार बीजेपी के नेतृत्व में ही बनेगी.

उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि नेता के रूप में राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच कोई तुलना नहीं की जा सकती. उन्होंने आगे कहा कि जब तक राहुल गांधी हैं, तब तक नरेंद्र मोदी की जीत पर कोई शंका नहीं है. वे लगातार जीतते रहेंगे.

हालांकि, अठावले ने एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से नाराजगी भी जताई. उन्होंने कहा कि इस कानून के दुरूपयोग के छिटपुट मामले हो सकते हैं, लेकिन समाज के कमजोर तबके के लोगों की सुरक्षा के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करेगी.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लोकसेवकों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान ब्लैकमेल करने की मंशा से अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (उत्पीड़न रोकथाम) कानून के तहत झूठे मामलों में गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान कर दिया था. न्यायालय ने इस कानून के अंतर्गत तत्काल गिरफ्तारी के कठोर प्रावधान को भी हल्का कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अनेक अवसरों पर निर्दोष नागरिकों को आरोपी बनाया जा रहा है और लोक सेवकों को अपनी ड्यूटी निभाने से डराया जाता है जबकि यह कानून बनाते समय विधायिका की ऐसी मंशा नहीं थी.

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने कहा कि जब तक अग्रिम जमानत नहीं मिलने के प्रावधानों को ‘वाजिब मामलों’ तक सीमित किया जाता है और पहली नजर में कोई मामला नहीं बनने जैसे मामलों में इसे लागू नहीं किया जाता, तब तक निर्दोष नागरिकों के पास कोई संरक्षण उपलब्ध नहीं होगा. पीठ ने कहा कि इस कानून के तहत दर्ज ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देने पर कोई मुकम्मल प्रतिबंध नहीं है जिनमें पहली नजर में कोई मामला नहीं बनता है या न्यायिक समीक्षा के दौरान पहली नजर में शिकायत दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है.