दिसंबर महीने की शुरुआत में ही बैंकों के सामने नई चुनौती कर्मचारियों-नौकरीपेशा लोगों को सैलरी बांटने की है। कैश की सप्लाई में जबरदस्त शॉर्टेज के मद्देनजर बैंकों को समझ नहीं आ रहा है कि आखिर लोगों की जायज डिमांड कैसे पूरी की जाए।

ऐसे में ये खबर बैंकों और आमजनों, दोनों के लिए एक तरह से राहत भरी हो सकती है. बता दे की रिजर्व बैंक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अगले एक हफ्ते तक में यानी 7 दिसंबर तक रिजर्व बैंक ने कैश सप्लाई सामान्य कर देने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए 500 रुपये के नोट आरबीआई ज्यादा छापेगी. आपको बता दें कि पहले ही बैंक दो तिहाई से ज्यादा एटीएम कैलीब्रेट कर चुके हैं। यह भी पढ़े-सरकार ने पुराने नोटों की सीमा 72 घंटे तक बढ़ाई, अस्पताल, पेट्रोल पंप में दे सकेंगे पुराने नोट

देश की 4 प्रिंटिंग प्रेस में 3 शिफ्ट में छपाई।
सरकारी हो या निजी बैंक सब यही दावा कर रहे हैं कि सैलरी वाले हफ्ते के लिए उनके पास कैश की कोई कमी नहीं है. बैंकों को कैश की सप्लाई में कोई कमी न होने पाए इसके लिए RBI ने नोट छापने का काम और तेज कर दिया है. देश में करेंसी कर्नाटक के मैसूर, पश्चिम बंगाल के सलबोनी, महाराष्ट्र के नासिक और मध्य प्रदेश के देवास में छपती है. इन चारों प्रिंटिग प्रेस में अब 3 शिफ्ट में छपाई का काम चल रहा है।

एटीएम के बाहर नहीं कम हो रही कतार।
सच ये है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तमाम दावों के बाद भी बैंकों और एटीएम के बाहर कतार कम होने का नाम नहीं ले रही। बैंकों के बाहर कतार में लगे में लोग बताते हैं कि सुबह से लाइन में लगने के बाद बैंक के कर्मचारी 10 बजे टोकन बांट देते हैं। अमूमन 100 लोगों को टोकन मिलता है, लेकिन प्रतिदिन इन 100 लोगों को भी कैश मिलने की गारंटी नहीं होती। यह भी पढ़े-नोटबंदी: जन धन खातों से अब एक महीने में निकाले जा सकेंगे केवल 10 हजार रुपये

20 लाख में किसको क्या बांटें।
इन दिनों बैंकों के हालात ये हैं कि जिन बैंकों में कैश है वहां सर्वर डाउन का बोर्ड लगा है और जहां सर्वर दुरुस्त है वहां कैश गायब है। जहां तक नियमों के सवाल है तो नियम के मुताबिक लोग अपने खाते से हर हफ्ते 24 हजार तक निकाल सकते हैं, लेकिन बैंक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शहरी इलाकों में भी ज्यादातर बैंक की शाखाओं में बीस लाख प्रतिदिन से ज्यादा नहीं पहुंच रहे। ऐसे में बैंक क्या तो जरूरतमंद लोगों को कैश बांटें और क्या नौकरीपेशा की सैलरी।

रिजर्व बैंक 7 दिसंबर तक बैंकों को ज्यादा कैश भेजेगा।
हालांकि इन तमाम तैयारियों के बावजूद ये हफ्ता मुश्किल भरा हो सकता है इसीलिए सरकार का कहना है कि 7 दिसंबर तक बैंकों को ज्यादा से ज्यादा नकदी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और यही वजह थी कि पिछले 2 दिनों में नोटों की सप्लाई कम रखी गई थी। यह भी पढ़े-पीएम मोदी का बड़ा फरमान, अपने खातों की जानकारी दें बीजेपी सांसद-विधायक

500 के नए नोटों की छपाई और तेज।
सरकार को उम्मीद है कि इससे 30 फीसदी नोट ज्यादा छपेंगे चूंकि बाजार में अब 500 के नोट की मांग ज्यादा है इसलिए आरबीआई की आधुनिक मैसूर और सलबोनी प्रेस में 500 के नोट छापे जाएंगे। इन दोनो ही प्रिंटिग प्रेस में हर महीने 100 करोड़ नोट छापने की क्षमता है अनुमान के मुताबिक पिछले हफ्ते तक 500 के करीब 40 करोड़ नोट ही छपे थे, इसीलिए बाजार में इनकी कमी थी।