अहमदाबाद| गुजरात में विधानसभा चुनाव दिसंबर में होंगे. चुनाव आयोग ने सोमवार को ही इस बारे में संकेत दे दिए थे. 2012 में गुजरात में दो चरणों में मतदान हुआ था. 13 दिसंबर को पहले चरण का मतदान और 17 को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ था. उस चुनाव में 71.32 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले थे.

2012 में चुनाव के नतीजे 20 दिसंबर को घोषित हुए थे. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी 182 सीटों में से 116 सीट जीतने में कामयाब रही थी. वहीं कांग्रेस को 60 सीटें मिली थी. गुजरात परिवर्तन पार्टी को 2, एनसीपी को 2 और जनता दल यूनाइटेड का एक उम्मीदवार जीता था.

2012 चुनाव का आंकड़ा

बीजेपी   कांग्रेस    गुजरात परिवर्तन    एनसीपी     जनता दल (यू)
116          60            2                              2              1

2012 विधानसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी तीसरी बार सूबे के मुखिया बने थे. वहीं शक्ति सिंह गोहिल विपक्ष के नेता बने थे. 2014 आम चुनावों के बाद मोदी प्रधानमंत्री बने और गुजरात में आनंदीबेन पटेल को मुख्यमंत्री बनाया गया. करीब 6 महीने पहले ही उन्हें भी बीजेपी ने बदलकर विजय रुपानी को मुख्यमंत्री बनाया. अब रुपानी के सामने बीजेपी, मोदी और शाह तीनों की साख बचाने की चुनौती है.

तैयारी में जुटी पार्टियां

बहरहाल, सूबे में चुनावों को लेकर सभी पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं. सियासी जानकारों की माने तो इस बार भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव आसान नहीं होगा क्योंकि दो दशक से सत्ता पर काबिज बीजेपी के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर है. इसके अलावा पार्टी से उनके परंपरागत पाटीदार वोटर भी नाराज हैं. इस नाराजगी का असर पंचायत चुनाव में भी दिखा था.

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राहुल पहुंचे गुजरात 

राहुल गांधी भी बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए मेहनत कर रहे हैं. वे युवाओं, महिलाओं, आंगनवाडी कार्यकर्ता तथा आदिवासियों से मिले. उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमले किए. अब देखना दिलचस्प होगा की गुजरात की जनता किसका साथ देती है और किसे नकारती है.

करीब 15 साल से बीजेपी यहां की सत्ता पर काबिज है. इस बार कांग्रेस उसे कड़ी टक्कर देने के मूड में है. यही वजह है कि राहुल गांधी दोबारा गुजरात पहुंचे हैं. राहुल और बीजेपी नेताओं के बीच जुबानी जंग चरम पर है. राहुल के निशाने पर न सिर्फ बीजेपी बल्कि आरएसएस भी है. उनके एक बयान ने यहां खूब तूफान भी मचाया.