नई दिल्ली. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर बुधवार को एक और मैदान से रिटायर हो गए. सचिन सहित 40 सांसदों का राज्यसभा कार्यकाल बुधवार को खत्म हो गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में उन्हें शुभकामनाएं दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय हमेशा खुला रहेगा. हालांकि, इस दौरान सचिन सदन में मौजूद नहीं थे.

साल 2012 में पहुंचे थे राज्यसभा
खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सचिन तेंदुलकर साल 2012 में राज्यसभा पहुंचे थे. 6 साल के उनके कार्यकाल के दौरान सदन में उनकी उपस्थिति को लेकर हमेशा सवाल खड़े हुए. आलोचकों का कहना है कि वह सदन में न तो मौजूद रहते हैं और न ही खेल और खिलाड़ियों से जुड़े सवाल उठाते हैं. ऐसे में सदन में उनकी मौजूदगी फायदेमंद नहीं है.

हंगामे की भेंट चढ़ा था भाषण
बता दें कि पिछेल साल 21 दिसंबर को वह राज्यसभा में अपना पहला भाषण देने वाले थे. ‘राइट टु प्ले’ पर बोलने के लिए उन्होंने सभापति से समय मांगा था. लेकिन उसी दौरान गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री के बयान पर सदन में हंगामा चल रहा था. ऐसे में सचिन का भाषण हंगामे की भेट चढ़ गया और वह अपनी बात नहीं रख पाए. इसके बाद सचिन ने अपना पूरा भाषण रिकॉर्ड करके सोशल साइट्स पर डाला था.

पीएम को लिखा था खत
सचिन ने अक्टूबर 2017 में खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा था. इसमें उन्होंने आग्रह किया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) का पात्र बनाया जाए. इसमें उन्होंने अंतिम दिनों में बीमारी से जूझने वाले हॉकी के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद का जिक्र किया था.

44 साल के सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट को एक नया अध्याय दिया है. साल 1989 से 2013 तक उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अपनी विशेष छाप छोड़ी. इस दौरान इन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिसके आसपास दुनिया का कोई खिलाड़ी खड़ा नहीं दिखता है.