नई दिल्ली: मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद भगवा आतंकवाद को लेकर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है. बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं – राहुल गांधी और सोनिया गांधी को दुनिया में हिंदुओं को बदनाम करने के लिए माफी मांगना चाहिए. बीजेपी ने अपनी मांग के समर्थन में विकिलीक्स के एक टेलीग्राम का हवाला दिया.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा , ‘ यदि कांग्रेस भारत को अपना समझती है तब सोनिया गांधी और राहुल गांधी को महान हिंदू धर्म को बदनाम करने को लेकर पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस ने यह साबित करने की कोशिश की थी कि भगवा आतंकवाद जैसी कोई चीज है. उन्होंने कांग्रेस की संप्रग सरकार के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राजदूत और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत से संबंधित विकिलीक्स का टेलीग्राम दिखाया. इस वार्ता के हिसाब से राहुल गांधी ने कहा था कि भगवा आतंकवाद लश्कर ए तैयबा से कहीं ज्यादा बड़ा खतरा है.

पात्रा ने कहा , ‘ यह हिंदुओं के प्रति राहुल गांधी की मानसिकता दर्शाता है. उनकी पार्टी ने हमेशा हिंदुओं को बस यूं ही हल्के में लिया है. सोमवार को पात्रा ने अदालत का फैसला आने के बाद कहा था , ‘ अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के लिए कांग्रेस ने महज कुछ वोटों के चक्कर में हिंदुओं और देश को निशाना बनाया और बदनाम किया. वह साजिश बेनकाब हो गई है. कांग्रेस पहले कभी ऐसे बेनकाब नहीं हुई. उन्होंने कहा कि लोग कांग्रेस को कर्नाटक चुनाव में वैसा ही सबक सिखाएंगे जैसा उसने 2014 के आम चुनाव में सिखाया था.

गौरतलब है कि वर्ष 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में विशेष आतंक रोधी अदालत ने स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ‘ आरोपियों के खिलाफ एक भी आरोप ’ साबित नहीं कर सका.
अठारह मई 2007 को रिमोट कंट्रोल के जरिये 400 साल से अधिक पुरानी मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान शक्तिशाली विस्फोट को अंजाम दिया गया था. इसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 अन्य घायल हुए थे.

असीमानंद के वकील जे पी शर्मा के अनुसार एनआईए मामलों के लिये विशेष न्यायाधीश के रवींद्र रेड्डी ने कहा , ‘ अभियोजन (एनआईए) किसी भी आरोपी के खिलाफ एक भी आरोप साबित नहीं कर सकी , इसलिए सभी को बरी किया जाता है. ’

कथित ‘ हिंदू आतंक ’ के बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत कक्ष में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी. असीमानंद को 2007 के अजमेर दरगाह आतंकी हमला मामले में भी पिछले साल बरी कर दिया गया था. वह 2007 के समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मामले में भी आरोपी हैं. असीमानंद के अतिरिक्त देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा , भरत मोहनलाल रतेश्वर उर्फ भरत भाई और राजेंद्र चौधरी को भी बरी किया गया है.