आज दिसंबर महीने का पहला दिन और वेतन दिवस है और नोटबंदी के बीच बैंकों में फिर एक सप्ताह तक भीड़ रहने का अनुमान है। इस बीच बैंकों ने आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखते हुए एवं अपने कर्मचारियों को किसी तरह की फजीहत से बचाने के लिए नकदी का विशेष बंदोबस्त करने की कोशिश की है। देशभर में नौकरी पेशा लोगों को 1 से 8 तारीख तक सैलरी मिलती है. महीने के सभी जरूरी खर्च को ध्यान में रखते हुए लोगों की कोशिश ज़्यादा से ज़्यादा कैश निकालने की होगी। माना जा रहा है कि 7 दिसबंर तक नकदी की मांग 80 फीसदी तक बढ़ेगी।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के मानें तो बैंकों को अतिरिक्त नकदी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है ताकि वेतनभोगियों को नकदी लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो. इस पूरे कवायद की निगरानी खुद वित्तमंत्री अरुण जेटली कर रहे हैं और वित्त मंत्रालय व रिजर्व बैंक एक-दूसरे के संपर्क में है. बैंकों ने अपने 70 प्रतिशत एटीएम को नए नोटों के हिसाब से सेट कर लिया है. इससे भीड़ एटीएम में भी लगी रहेगी, हालांकि एटीएम से एक दिन में सिर्फ 2500 रुपये ही निकाले जा सकते हैं। यह भी पढ़े-7 दिसंबर तक सामान्य होगी कैश सप्लाई, 500 के नोट ज्यादा छापेगा रिजर्व बैंक

गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर की रात नोटबंदी की घोषणा के बाद यह पहला सैलरी सप्‍ताह होगा। नोटबंदी में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने के सरकार के फैसले के बाद से ही बैंकों और एटीएम में लंबी लाइन देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल से बात की और नकदी की समस्‍या से निपटने के उपाय पूछे। पटेल ने जेटली को पूरी तरह से आश्‍वस्‍त किया है कि सैलरी सप्‍ताह में सैलरी और पेंशनभोगी लोगों की निकासी में कोई परेशानी नहीं होगी।

देश के 90% एटीएम में बदलाव का काम पूरा।
लेकिन अब 500 के नए नोटों की एक बड़ी खेप बाजार में आने को तैयार है। इसके साथ ही देश के 90 फीसदी एटीएम में बदलाव का काम पूरा हो चुका है। सैलरी वाले हफ्ते को देखते हुए हर बैंक अपने स्तर पर भी पूरी तैयारी कर रहा है. एटीएम में पैसे की सप्लाई बनी रहे ये देखने के लिए खास टीमें बनाई गई हैं। इसके अलावा जहां कैश की बढ़ती जरूरत को देखते हए माइक्रो और मोबाइल एटीएम की व्यवस्था भी की गई है। यह भी पढ़े-नोटबंदी: जन धन खातों से अब एक महीने में निकाले जा सकेंगे केवल 10 हजार रुपये

रिजर्व बैंक 7 दिसंबर तक बैंकों को ज्यादा कैश भेजेगा।
हालांकि इन तमाम तैयारियों के बावजूद ये हफ्ता मुश्किल भरा हो सकता है इसीलिए सरकार का कहना है कि 7 दिसंबर तक बैंकों को ज्यादा से ज्यादा नकदी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और यही वजह थी कि पिछले 2 दिनों में नोटों की सप्लाई कम रखी गई थी।