अहमदाबाद| पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने गुजरात के अहमदाबाद में देश के पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास किया. इससे पहले दोनों ने कार्यक्रम स्थल पर बुलेट ट्रेन के मॉडल को देखा और उसके बारे में जानकारी ली. इस कार्यक्रम में रेल मंत्री पियूष गोयल और महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस भी पहुंचे.

बुलेट ट्रेन का शिलान्यास करने के बाद शिंजो आबे ने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाकर बहुत खुश है. शिंजो आबे ने नमस्कार से अपने भाषण की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि, ‘भारत का शक्तिशाली होना उनके देश के हित में है. बुलेट ट्रेन के साथ भारत में नए अध्याय की शुरुआत हुई है, एक दिन पुरे भारत में बुलेट ट्रेन तेजी से दौड़ेगी.’

इस दौरान आबे ने पीएम मोदी की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं और वह काफी दूरदर्शी नेता भी हैं. आबे ने यह भी कहा कि वह पीएम मोदी की नीतियों का पूरा समर्थन करते है और खुद भारत में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में रुचि ले रहे है. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि जापान के 100 इंजीनियर भारत में काम कर रहे हैं.

अपने सम्बोधन के दौरान आबे ने कहा, जापान में जब से बुलेट ट्रेन शुरू हुई है तब से एक भी एक्सीडेंट नहीं हुआ है, जापान भारत को सुरक्षित रेल यात्रा की गारंटी देता है.

आबे ने कहा, ‘जापान का ‘ज’ और इंडिया का ‘इ’ अगर मिला दें तो यह ‘जय’ बन जाता है. दोनों ही देश एशिया के बड़े लोकतंत्र है. मैं चाहता हूं जब मैं अगली बार आऊ तो बुलेट ट्रेन से पीएम मोदी के साथ सफर करू. मुझे गुजरात बहुत पसंद है.’


अहमदाबाद से मुंबई के बीच 1.10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली इस बुलेट ट्रेन परियोजना के वर्ष 2022 तक पूरी होने की संभावना है.यह ट्रेन महज दो घंटे में 500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करेगी. जापान ने प्रधानमंत्री ने मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 0.1 प्रतिशत की न्यूनतम दर पर ऋण दिया है.

यह परियोजना भारतीय रेल और जापान के शिन्कान्सेन टेक्नोलॉजी की संयुक्त परियोजना है. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने वडोदरा में एक प्रशिक्षण संस्थान की आधारशिला भी रखी जहां बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 4,000 लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.