मुंबई: अगले साल होने वाले आम चुनाव और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है. गुरुवार को एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि शिवसेना, “धर्मनिरपेक्षता के लिए किसी तरह का खतरा पैदा नहीं करती.” एनसीपी ने अपने इस कथन से स्पष्ट तौर पर शिवसेना को लुभाने का प्रयास किया है, साथ ही पार्टी ने इशारा किया कि भाजपा से रूठी हुई उसकी सहयोगी पार्टी (शिवसेना) वर्ष 2019 में होने वाले चुनावों के लिए विपक्षी गठबंधन का हिस्सा बन सकती है. शिवसेना पहले ही महाराष्ट्र चुनाव और आम चुनाव को अकेले अपने दम पर लड़ने का ऐलान कर चुकी है.

एनसीपी के महासचिव डी पी त्रिपाठी ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए एक गैर-भाजपाई गठबंधन बनाने के प्रयासों के बारे में बात की. विपक्षी गठबंधन का चेहरा कौन होगा यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “लोग चुनावों में अपना नेता चुनेंगे, विपक्ष की एकता मुद्दों पर आधारित होगी. चुनावों से पहले किसी को भी गैर-भाजपाई गठबंधन के नेता के तौर पर पेश करने की कोई जरूरत नहीं है.”

इसके अलावा एनसीपी ने ये भी तय किया है कि वो कर्नाटक विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी और कांग्रेस का समर्थन करेगी. शरद पवार की एनसीपी ने ऐलान किया है कि वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगी. एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा कि हमें कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को हराना है. इसीलिए एनसीपी ने फैसला किया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेगी और बिना शर्त कांग्रेस और सीएम सिद्धारमैया को समर्थन देगी.

कर्नाटक में 12 मई को चुनाव
कर्नाटक में 12 मई को मतदान है और मतगणना 15 मई को होगी. इन दिनों चुनाव प्रचार चरम पर है और आए दिन बड़े नेताओं की सभाओं का दौर जारी है. कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी ने तो बीजेपी की तरफ से अमित शाह ने मोर्चा संभाला हुआ है. अब तक ये दोनों नेता राज्य के कई दौरे कर चुके हैं. राहुल ने अपने दौरे में कई मठों का भी दौरा किया. कांग्रेस ने दोबारा सीएम सिद्धारमैया पर दांव खेला है, वहीं बीजेपी ने पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा को दोबारा सीएम उम्मीदवार घोषित किया है.