नई दिल्ली। मक्का-मस्जिद ब्लास्ट मामले में पांच आरोपियों को बरी करने वाले जज रविंद्र रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया. असीमानंद सहित पांच आरोपियों को बरी करने के तुरंत बाद जज रविंद्र रेड्डी ने इस्तीफा देकर सभी को चौंका दिया. उनके इस्तीफे के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है. इस वाकये पर एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैरानी जताई है. उन्होंने ट्वीट किया- मक्का मस्जिद मामले में सभी आरोपियों को बरी करने वाले जज ने पहेली के अंदाज में इस्तीफा देकर चौंका दिया, मैं हैरान हूं.

हैदराबाद के मक्का मस्जिद बम धमाका मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने स्वामी असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया. इस मामले में असीमानंद के अलावा चार और आरोपी हैं देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, भारत मोहनलाल रत्नेश्वर और राजेंद्र चौधरी. कोर्ट ने इन सभी को बरी करने का फैसला सुनाया.

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई सियासी जंग, बीजेपी ने कहा- 'हिंदू आतंकवाद' के लिए माफी मांगे कांग्रेस

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एनआईए साल 2011 से इस केस की जांच कर रही थी. हैदराबाद की मक्का मस्जिद में 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के समय धमाका हुआ था. इसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हो गए थे. स्वामी असीमानंद को 2010 में यूपी के हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया था. उसका असली नाम नब कुमार सरकार है.

बता दें कि आज के फैसले के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द को गढ़ कर हिंदुओं को बदनाम करने का आरोप लगाया. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा. संबित ने कहा कि कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद शब्द को जानबूझकर गढ़ा है, अब मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसले के बाद कांग्रेस का झूठ सामने आ गया है. क्या अब राहुल गांधी मोमबत्ती लेकर आधी रात को मार्च निकालेंगे और हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए माफी मांगेंगे?