बहराइच: भारत-नेपाल के रूपईडीहा सीमा पर नेपाल से तस्करी कर हिमाचल प्रदेश और मुंबई ले जाए जा रहे 18 बच्चों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने मुक्त कराया है. अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार शाम चार मानव तस्करों को गिरफ्तार कर पुलिस को सौंपा गया है. पकड़े गये नेपाली मूल के चारों तस्करों में से एक के पास दोनों देशों के नागरिकता प्रपत्र मिले हैं. एसएसबी 42वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट जयप्रकाश ने बताया कि 10 से 14 वर्ष उम्र के मुक्त कराए गए सभी बच्चे नेपाली जनपद बांके के जाजरकोट इलाके के निवासी हैं.

उन्होंने बताया कि नौकरी का लालच देकर 12 बच्चों को शिमला और छह बच्चों को मुंबई ले जाने की योजना के तहत मानव तस्कर पहले इन्हें इनके गाँव से नेपाली शहर नेपालगंज लाये. उसके बाद रुपईडीहा के रास्ते इन्हें भारतीय इलाकों हिमाचल प्रदेश और मुम्बई भेजने की योजना थी. एसएसबी ने नेपाल निवासी तस्कर कमल गौतम, सूरत सिंह, संत बहादुर व अहमद हुसैन को गिरफ्तार किया है. अहमद हुसैन के पास गुजरात के सूरत का आधार कार्ड भी मिला है.

एसएसबी ने अहमद हुसैन को भारतीय थाना रुपईडीहा पुलिस के हवाले किया है। इसके अलावा नेपाल के जाजरकोट निवासी संत बहादुर, उसके लड़के सूरत व कमल गौतम को पकड़कर नेपाल पुलिस को सौंपा गया है. बरामद बच्चों को एक स्वंय सेवी संस्था को सौंपा गया है.