नई दिल्ली/लखनऊ: पिछले दिनों कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में हुई कथित धांधली मामले की जांच में पुलिस को कामयाबी मिली है. एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में उम्मीदवारों को नकल करने में मदद कर रहे अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है. अब एसटीएफ फरार चल रहे गिरोह के सरगना को तलाश रही है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम सोनू सिंह, परम, गौरव और अजय जायसवाल है. ये उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, हरियाणा के बहादुरगढ़ और दिल्ली के रहने वाले हैं. हालांकि गिरोह के दो सदस्य हरपाल और अन्नी अभी पुलिस की पहुंच से दूर हैं.

एसटीएफ के पुलिस महानिरीक्षक अमिताभ यश ने कहा कि आरोपियों को दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ ने संयुक्त अभियान में मंगलवार को उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके के एक फ्लैट से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की मदद कर रहे थे. यश ने कहा कि आरोपी कथित रूप से उम्मीदवारों को नकल में मदद करने के लिए स्क्रीन-शेयरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि उम्मीदवारों के कम्प्यूटर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके, आरोपी 2011 से गिरोह चला रहे थे.

गिरोह का सरगना हरपाल आवश्यक बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स मुहैया कराता था, जबकि सोनू उम्मीदवारों से संपर्क साधने में मदद करता था. अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, पांच ब्लूटूथ डिवाइस, एक हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, राउटर, तीन लग्जरी कारें और पांच लाख रुपए जब्त किए हैं. एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एसटीएफ को एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में साल्वर गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिली थी. टीम को पता चला था कि साल्वर गिरोह अभ्यर्थियों से 10-15 लाख रुपये लेकर साल्वरों के जरिए परीक्षा दिलाने वाला है.

उन्होंने कहा, “एसटीएफ ने दिल्ली पुलिस की मदद से मंगलवार को दिल्ली के तिमारपुर थाना क्षेत्र के गांधी विहार में मकान संख्या बी-251, 252 छापा मारा और वहां से चार युवकों सोनू कुमार निवासी गाजियाबाद, अजय कुमार व परमजीत सिंह निवासी बहादुरगढ़ (हरियाणा) और गौरव नैयर निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया.” सिंह ने बताया, “पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह का सरगना हरियाणा का हरपाल है, जो मकान मालिक होने के साथ ही आरोपी गौरव का जीजा है. आरोपी एक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये पास कराने के लिए लेते थे और परीक्षा के लिए करीब 150 साल्वरों की मदद ली जाती थी.”

एसएससी परीक्षा का टेंडर पाने वाली कम्पनी सीफी (एसआईएफआई) का कर्मचारी दीपक भी गिरोह में शामिल है. एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने अन्नू व दीपक के अलावा कई सदस्यों के नाम बताए हैं. इस मामले की एफआईआर उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर थाने में दर्ज की गई है. अब दिल्ली पुलिस इस रैकेट का पूरी तरह से खुलासा करने में जुटी है. पुलिस आरोपियों की सेवा ले रहे उम्मीदवारों के नंबर तलाशने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप खंगाल रही है.