नई दिल्ली. सीबीएसई पेपर लीक मामले में शुक्रवार को भी बच्चों ने प्रदर्शन किया. बच्चे सुबह ही दिल्ली स्थित सीबीएसई के दफ्तर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी. छात्रों का कहना था कि सीबीएसई की गलती से हम लोग परेशान हो रहे हैं.

इस बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने कई कोचिंग इंस्टीट्यूट में छापेमारी की. जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) भी गठित की है. यह टीम पेपर लीक से संबंधित हर पहलू की जांच करेगी. अपनी शिकायत में CBSE ने दिल्ली के एक ट्यूटर मास्टर पर पेपर लीक करने का आरोप लगाया है.

सीबीएसई ने कहा है कि लीक हुए पेपर की परीक्षाएं दोबारा होंगी. ऐसे में 22 लाख स्टूडेंट इससे प्रभावित होंगे. इसमें 5 क्लास 12 इकॉनमिक्स के और 17 लाख क्लास 10वीं के हैं जिन्हें दोबारा परीक्षा देना पड़ेगा. CBSE ने बुधवार को कहा था कि 10वीं और 12वीं के क्रमश: मैथ्स और अर्थशास्त्र पेपर की दोबारा परीक्षा कराने को लेकर सर्कुलर जारी किया जाएगा, जिसकी जानकारी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी जारी की जाएगी.

इसी बीच दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक मामले की जांच करने के लिए स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 25 लोगों से अब तक पूछताछ की है. बता दें कि दिल्ली पुलिस के हाथ एक ऐसा फैक्स लगा है, जिसमें पेपर लीक से संबंधित जानकारी दी गई है. इस फैक्स में पेपर लीक मामले में रजिन्दर नगर के रहने वाले एक कोचिंग टीचर का हाथ बताया गया है, जो कोचिंग सेंटर चलाता है. वहीं इस मामले में कुछ स्कूलों पर भी शक की सूई घूम रही है.