नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गांव में 15 साल बाद रौशनी पहुंची है. नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में लोग बिजली जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए मोहताज थे. सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी इन गांवों को 15 सालों तक अंधेरे में रहना पड़ा. जब भी बिजली पहुंचाने की कोशिश हुई नक्सलियों ने उसमें बाधा डाला. बिजली के तारों को उखाड़ फेंका और ट्रांसफॉर्मर फूंक दिए जिससे गांवों तक बिजली न पहुंचे. नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र के चिंतलनाल गांव में 15 साल बाद बिजली पहुंची है.

अपने घरों में बिजली पाकर गांव वाले बहुत खुश हैं. उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने बिजली की सुविधा को खत्म कर दिया था. गौरतलब है कि सुकमा जिले को नक्सियों के साथ मुठभेड़ के लिए जाना जाता है. अप्रैल 2010 में नक्सियों ने सीआरपीएफ पर हमला कर दिया था जिसमें 75 जवान शहीद हो गए थे. गांव वालों का कहना है कि अपने गांव में बिजली की सुविधा मिलने के बाद हमें बहुत खुशी हो रही है. अब हम बिजली से मिलने वाली सारी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे. हम अपने घरों में टीवी और फ्रिज इस्तेमाल कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि लंबे समय तक अंधेरे में रहने के बाद एक बार फिर चिंतलनार और जगरगुंडा गांव ने रोशनी देखी है. नक्सलियों ने गांव वालों की जिंदगी में अंधेरा फैला दिया था. सीएम ने कहा कि सेना के जवान गांव वालों की जिंदगी बदलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं. गांव वालों को आधारभूत सुविधाएं जैसे रोड, संचार के माध्यम और बिजली पहुंचाने के लिए जवान कड़ी मेहनत कर रहे हैं. उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुकमा जिले में नक्सलियों ने आगजनी की थी. सड़क निर्माण में लगी 4 गाड़ियों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया था.सुकमा जिले के कुड़केल और कोयाबेकुर के बीच सड़क निर्माण का काम चल रहा था. नक्सलियों ने दो टिपर,एक पेवर मशीन और एक रोड रोलर में आगजनी की थी. नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूर और ग्रामीणों से मारपीट भी की थी. कुछ मजदूर अपनी जान बचाकर भाग निकले थे.