नई दिल्ली. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. डीएलएफ जमीन सौदे में हुई आमदनी को लेकर आयकर विभाग समीक्षा जारी रखेगा. कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपना फैसला सुनाया. बता दें कि वाड्रा की कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में आयकर विभाग की कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी. माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं.

आयकर विभाग ने साल 2010-11 में हरियाणा और राजस्थान में हुए वाड्रा के जमीन सौदे के पुनर्मुल्यांकन की मांग की थी, इसी के खिलाफ वाड्रा की कंपनी ने याचिका दाखिल की थी. इसे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच के लिए आईटी अधिकारियों द्वारा दिए गए तर्कों से वह सहमत है. कोर्ट ने कहा कि यह केस राजनीतिक प्रतिशोध लेने का नहीं है, जैसा कि कहा जा रहा है.

स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी ने मई 2016 में स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकार और दायित्वों का अधिग्रहण किया था. अब सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद, गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और स्काईलाइट के अन्य अधिकारियों के साथ पूछताछ की जाएगी.