नई दिल्ली: भोलेनाथ के भक्तों के लिए खुशखबरी है. सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के उस आदेश को खारिज कर दिया है, जिसमें बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए अमरनाथ गुफा में जयकारा लगाने की मनाही थी. सुप्रीम कोर्ट के नये आदेश के अनुसार भगवान शंकर के भक्त हिम शिवलिंग के सामने खड़े होकर मंत्र उच्चारण कर सकते हैं और उनके नाम की जय-जयकार कर सकते हैं.

पिछले साल का है मामला
दरअसल, यह मामला पिछले साल का है, जब NGT ने अमरनाथ को साइलेंस जोन के रूप में घोषित किया था. इसके तहत भक्त बाबा बर्फानी की गुफा में न तो शोर मचा सकते थे और ना ही वहां घंटी बजा सकते थे. NGT ने कहा था कि बाबा बर्फानी की गुफा में शोर मचाने, गर्मी बढ़ाने आदि से भोलेनाथ का हिम स्वरूप जल्दी पिघल सकता है.

यही नहीं एनजीटी ने यह भी तर्क दिया था कि शोर के कारण लैंड स्लाइड का खतरा बढ़ सकता है.पर्यावरण के लिहाज से बहुत संवेदनशील होने के कारण यहां शोर नहीं होना चाहिए.

एनजीटी ने श्रद्धालुओं की संख्या को भी नियंत्रित करने का आदेश दिया था. एनजीटी के आदेश में इस बात पर भी जोर दिया गया था कि बाबा बर्फानी तक लोग खाली हाथ ही जाएं. वहां कोई सामान लेकर ना जाएं.

एनजीटी के इस आदेश को लोगों ने तुगलकी फरमान बताया था. जयकारों-मंत्रोच्‍चार पर रोक लगाने का नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (NGT)का आदेश हिंदू संगठनों, धर्मगुरुओं और धार्मिक अनुयायियोंं को भी नागवार गुजरा था. उन्‍होंने इस आदेश को ‘फतवा’ करार दिया था. इस आदेश पर एनजीटी को सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं झेलनी पड़ी थीं. इस मामले में धर्मगुरु श्रीश्री रविशंकर ने भी ट्वीटर पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.

एनजीटी इन आदेशों के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी.