उच्चतम न्यायालय ने नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई जांच पर रोक लगाने से इंकार किया जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को कैमरे पर कथित तौर पर धन लेते हुए दिखाया गया था। नारद स्टिंग मामले में सीबीआई ने प्रारंभिक जांच दर्ज कर ली है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस के कई नेता कथित तौर पर रूपये लेते हुए कमरे में कैद हो गये थे।

कलकत्ता उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश निशिता म्हात्रे और न्यायमूर्ति टी चक्रवर्ती की खंडपीठ के निर्देश पर प्रारंभिक जांच दर्ज की गयी। पीठ ने 17 मार्च को सीबीआई को प्रारंभिक जांच दर्ज करने और उसकी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। यह भी पढ़ेंः राम मंदिर पर SC की अहम टिप्पणी, मुद्दा कोर्ट के बाहर सुलझाएं, नहीं तो हम बैठे हैं

प्रारंभिक जांच सीबीआई जांच का पहला चरण होता है और इस दौरान एजेंसी यह आकलन करती है कि प्राथमिकी दर्ज करने लायक पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है या नहीं। एजेंसी को प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि मामला आपराधिक है तो वह प्राथमिकी दर्ज करती है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये हैं और कुछ नेताओं से पूछताछ कर चुकी है।