दिल्ली: भारत के सभी गाँवों को 2 अक्टूबर 2019 तक ओपन डेफकेशन फ्री करने का लक्ष्य लेकर चल रहे स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम की लगातार समीक्षा केंद्र सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही है.स्वच्छ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की समय सीमा 2 अक्टूबर 2019 निर्धारित की गई है।

चम्पारण में सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे पीएम मोदी

उल्लेखनीय है कि बिहार राज्य के चंपारण जिले में सत्याग्रह से स्वच्छागृह सम्मेलन दिनांक 10 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. इस सम्मेलन का आयोजन बहुत वृहद स्तर पर किया जाना है, जिसमें देश व प्रदेश के सभी जिलों के स्वच्छाग्रही शामिल होंगे. इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. उसके पूर्व विभिन्न प्रदेशों के स्वच्छाग्रही देश भर से दिनांक 03 अप्रैल 2018 से 09 अप्रैल 2018 तक बिहार के विभिन्न गाँवों में जाकर रहेंगे और वहां के लोगों के बीच साफ-सफाई के महत्व को बताएंगे तथा गांव गांवों में घूम-घूम कर लोगों को जागरुक करेंगे.

स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़े 4 राज्यों पर है विशेष फोकस

इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 13 मार्च को प्रदेश के सभी जिलों के प्रमुख सचिवों और जिला अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की जा चुकी है .जिसमें स्वच्छ भारत मिशन में पिछड़े 4 राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू कश्मीर, उड़ीसा राज्य के प्रतिनिधि भी शामिल थे.

2 अप्रैल को फिर से होगी समीक्षा बैठक

10 अप्रैल को चंपारण (बिहार) में होने वाले सत्याग्रह से स्वच्छाग्रही सम्मेलन के पूर्व तैयारियों की प्रगति की समीक्षा के लिए पुनः 2 अप्रैल को बैठक बुलाई गई है. बैठक में कैबिनेट सेक्रेटरी, मुख्य सचिवों और विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की जाएगी.
ध्यातव्य है कि भारत सरकार पूरे भारत को 2 अक्टूबर 2019 तक ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त भारत कराने को लेकर महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन चला रही है.

महात्मा गाँधी के सत्य के प्रति आग्रह से नमो का स्वच्छता के प्रति आग्रह

पीएम मोदी इस आंदोलन को गांधी जी के अप्रैल 2017 में बिहार के चंपारण में शुरु किए गए सत्याग्रह आंदोलन के विस्तार के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं जिसमें सत्य के साथ-साथ स्वच्छता के प्रति आग्रह को जोड़ा गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं, महात्मा गांधी के आंदोलन के दौरान उनके स्वयंसेवकों ने लोगों के बीच जाकर साफ सफाई से रहने के महत्व को समझाया था और वहां के लोगों और किसानों को इस सत्याग्रह आंदोलन से जोड़ा था. स्थानीय किसानों के बच्चों को शिक्षित करने के लिए वहां अनेक विद्यालय भी खोले गए थे और वहां उनके स्वयंसेवकों ने मैला ढ़ोने, धुलाई, झाड़ू-बुहारी का काम भी किया था. यह आंदोलन बेहद सफल रहा था.

गाँधी जी के मिशन को आगे बढ़ा रहे पीएम मोदी

गाँधी जी के इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए 10 अप्रैल 2019 को बिहार के चम्पारण जिले में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह सम्मेलन आयोजित किया जाना है. जिसमें भारत के प्रत्येक प्रान्त से स्वच्छाग्रही जाएंगे और सम्मेलन के पूर्व बिहार के गांवों के लोगों के बीच रहेंगे और उन्हें स्वस्थ जीवन और साफ-सफाई का महत्व बताएंगे.

पांच सौ रूपये का मानदेय मिलेगा स्वच्छा ग्रहियों को

उप निदेशक पंचायतराज लखनऊ योगेंद्र कटियार ने बताया की इस आंदोलन से जोड़े गए समस्त स्वच्छा कर्मियों को भारत सरकार पांच सौ रूपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय भी देगी. गौरतलब है कि भारत सरकार एवं प्रदेश सरकारों द्वारा पूरी प्रशासनिक मशीनरी व संसाधन झोंक देने के बावजूद अभी तक भारत के सभी गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) नहीं कराया जा सका है.
इसलिए भारत के विभिन्न राज्यों में ऐसे कई स्वच्छाग्रही सम्मेलन कराये जाने है जिससे स्थानीय स्तर पर इस आंदोलन से लोगों को जोड़ा जा सके और प्रत्येक ग्राम वासी अपनी और अपने आस-पास की साफ सफाई को लेकर जागरूक हो सके. तभी इस मिशन के लक्ष्य को 2 अक्टूबर 2019 महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक प्राप्त किया जा सकना संभव हो सकेगा.