गाज़ियाबाद। आरुषि-हेमराज हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को तलवार दंपति की रिहाई का आदेश भले ही सुनाया हो लेकिन डासना जेल से रिहाई में उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. यह इसलिए क्योंकि अभी डासना जेल तक फैसले की कॉपी नहीं पहुंची है. हालाकि खबर आ रही है कि तलवार दंपति के वकील को कोर्ट ऑर्डर की कॉपी मिल गई है. नियम के अनुसार जब तक जेल प्रशासन तक फैसले की कॉपी नहीं पहुंच जाती रिहाई संभव नहीं है. अगर आज शाम से कॉपी नहीं पहुंची तो फिर अगले दो दिन अवकाश रहेगा. इस तरह रिहाई के लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ सकता है.

शुक्रवार सुबह से ही डासना जेल में होने वाली गतिविधि पर नजदीक से नजर रखने के लिए जेल के बाहर मीडियाकर्मियों की भीड़ लगी हुई है क्योंकि इसी उच्च सुरक्षा वाले जेल में राजेश और नुपुर तलवार पिछले चार साल से बंद हैं. जैसे जैसे दिन चढता गया, मौके पर भीड बढती गयी. इसमें मीडियाकर्मियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं. हर व्यक्ति तलवार दंपति के जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहा है.

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कल तलवार दंपति को 2008 में उनकी बेटी आरूषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या के आरोप से बरी कर दिया. अभी तक रहस्य बना हुआ यह सनसनीखेज हत्याकांड टीवी और समाचारपत्रों में एक बार फिर से प्रमुखता से आ गया है. जेल के बाहर इकट्ठा मीडियाकर्मी तलवार दंपति की रिहाई के हर क्षण को… और उनकी जेल की जिंदगी को कवर करना चाहते हैं.

आरुषि हत्याकांड में तलवार दंपति क्यों मिली रिहाई? हाई कोर्ट की 8 बड़ी बातें

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राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया से जुड़े पत्रकार क्षण क्षण की खबर का लाइव फीड दे रहे हैं. प्रिंट मीडिया के पत्रकार हर छोटी छोटी जानकारी जुटा कर उसे समाचार का रूप देकर मोबाइल के माध्यम से जारी करवा रहे हैं. जेल में अपने संबंधियों से मिल कर बाहर निकलने वाले लोगों के पास भी मीडिया वाले दौड रहे हैं ताकि उनसे उन्हें यह जनकारी मिल सके कि जेल के अंदर क्या हो रहा है.

डासना जेल के अधीक्षक दधीराम मौर्य ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमें अभी तक अदालत का आदेश नहीं मिला है. जैसे ही हमें आदेश की प्रति मिलेगी हम उन्हें रिहा कर देंगे.’’ जेल के आस पास अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नुपुर तलवार कैदियों के दांतों की जांच करती थी.

पेशे से दंत चिकित्सक तलवार दंपति दोहरे हत्याकांड में नवंबर 2013 से डासना जेल में बंद हैं. अपने फैसले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि तलवार दंपति को दोषी करार देते के लिए न तो परिस्थितियां और न ही पर्याप्त साक्ष्य हैं. तलवार दंपति के नोएडा स्थित आवास पर आरूषि तलवार 16 मई 2008 को अपने बेडरूम में मृत मिली थी. इसके अगले दिन हेमराज का शव छत पर उसके कमरे से मिला था.जहूे

PTI-Bhasha Inputs