नई दिल्ली. लोकसभा का यह बजट सत्र टीडीपी सांसद एन. शिवप्रसाद का नाम याद रखने वाला हो जाएगा. पूरे बजट सत्र के दौरान टीडीपी का यह सांसद विभिन्न वेशभूषा में संसद आता रहा. आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा दिलवाने के मुद्दे पर वे रोज नए-नए पात्रों का रूप धरकर संसद पहुंचते रहे. केंद्र सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जताने का यह तरीका सांसद शिवप्रसाद के लक्ष्य को कितना पूरा कर पाएगा, यह तो पता नहीं, लेकिन उनका यह ‘वेशभूषा अभियान’ मीडिया का ध्यान खींचने में जरूर कामयाब रहा है. खास बात यह है कि शिवप्रसाद अपने वेश के साथ तर्क भी पेश करते रहे हैं. एक दिन वे राजा हरिश्चंद्र का वेश धारण कर संसद पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा था कि हरिश्चंद्र भी वाराणसी से थे और पीएम मोदी भी वहीं के सांसद हैं. हरिश्चंद्र ने अपने हर वादे को पूरा किया, लेकिन मोदी ऐसी नहीं कर रहे हैं. आइए डालते हैं सांसद एन. शिवप्रसाद द्वारा धरे गए विभिन्न रूपों पर एक नजर.

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तस्वीर साभारः एएनआई
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महिला के वेश में भी पहुंचे थे संसद
टीडीपी के सांसद एन. शिवप्रसाद एक दिन महिला के वेश में भी संसद पहुंचे थे. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार ने आंध्रप्रदेश की महिलाओं के साथ धोखा किया है. इसी तरह किसी दिन उन्होंने नारद तो किसी दिन परशुराम का वेश धरा. मार्च के शुरुआती हफ्ते में टीडीपी के ये सांसद कृष्ण के वेश में पहुंचे थे तो इसके बाद एक दिन वे तांत्रिक और दूसरे दिन स्कूली बच्चे के वेश में संसद पहुंचकर अपना विरोध जताया था.

फिल्मों में कर चुके हैं काम, खलनायक के रूप में मिली थी प्रसिद्धि
वर्तमान में सांसद एन. शिवप्रसाद राजनीति में आने से पहले फिल्मों में काम कर चुके हैं. दक्षिण भारतीय फिल्मों में उन्हें बेहतरीन कलाकार के रूप मे जाना जाता है. शिवप्रसाद को एक फिल्म में खलनायक की भूमिका अदा करने के लिए बेस्ट इन निगेटिव रोल का अवार्ड भी मिल चुका है. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बचपन के दोस्त एन. शिवप्रसाद 1999 में राजनीति में आए थे. इसके बाद तेलुगू देशम पार्टी ने उन्हें चित्तूर से लोकसभा के चुनाव में उतारा. यहीं से वे अभी सांसद हैं.