मुंबई| एक तरफ भारतीय रेलवे की ट्रेनें अगर लेट हो जाएं तो फिर आगे भी वे लेट होते जाने के लिए बदनाम हैं. वहीं देश की सबसे सुपरफास्ट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस ने रविवार को अपनी तेजी को साबित कर दिया. गोवा में तीन घंटे देर होने के बावजूद तेजस एक्सप्रेस रविवार को मुंबई स्टेशन अपने निर्धारित समय से 1 मिनट पहले ही पहुंच गई.

कोंकण रेलवे के प्रवक्ता एल. के वर्मा ने बताया कि रेलवे के टाइमटेबल में अचानक बदलाव कर दिया गया जिस वजह से तेजस ट्रेन 3 घंटे लेट हो गई. उन्होंने बताया कि ट्रेन को कुडल स्टेशन पर 17 मिनट, रत्नागिरी पर 1 घंटा और पनवेल पर फिर 14 मिनट के लिए रोका गया. इस वजह से हुई कुल तीन घंटे की देरी को कवर करने के लिए ट्रेन की स्पीड 153 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाई गई. देरी को देखते हुए तेजस एक्सप्रेस को कर्मली से कुडल स्टेशन के बीच 153 किमी प्रति घंटा, कुडल से रत्नागिरी स्टेशन के बीच 137 किमी प्रति घंटा और फिर रत्नागिरी से पनवेल के बीच 125किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाया गया. इसके बाद ट्रेन मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर 1 मिनट पहले ही पहुंच गई.

बता दें पहली तेजस ट्रेन का सफर 22 मई से मुंबई और गोवा के बीच शुरु हो गया है. यह हफ्ते में तीन दिन चलती है. तेजस को कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री ने बनाया है और नेशनल स्कूल ऑफ डिजाइन ने इसका बाहरी लुक तैयार किया है. ये ट्रेन बिल्कुल किसी हवाई जहाज की तरह विश्व स्तरीय सुख सुविधाओं से लैस है. इसमें वाईफाई, हर सीट पर एलईडी टीवी, बायो वैक्यूम टॉयलेट, सीसी टीवी कैमरे और ऑटोमेटिक डोर जैसे फीचर्स दिए गए हैं. भारतीय रेलवे ऐसी तीन तेजस ट्रेने लाने वाली है.