नई दिल्ली. सोशल मीडिया के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पोस्ट पर अब सोशल नेटवर्किंग साइट टि्वटर भी नजर रख रहा है. कुछ वर्षों में ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माइक्रो ब्लॉगिंग साइट्स में महत्वपूर्ण स्थान बनाने वाली इस साइट ने पिछले दो वर्षों में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले 10 लाख से ज्यादा अकाउंट बंद कर दिए हैं. टि्वटर की ओर से गुरुवार को यह जानकारी दी गई. कंपनी ने बताया कि पिछले साल जुलाई से लेकर दिसंबर तक के बीच 6 महीने में 2 लाख 74 हजार से ज्यादा अकाउंट बंद किए गए हैं. कंपनी ने कहा कि 1 अगस्त 2015 से लेकर 31 दिसंबर 2017 के बीच नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 12 लाख अकाउंट्स बंद कर दिए गए. कंपनी ने तकनीकी भाषा में इसे अकाउंट्स सस्पेंड करना बताया है. कंपनी ने कहा है कि दुनियाभर में अपने लाखों यूजर्स की सुरक्षा को देखते हुए कंपनी अपनी साइट पर चौकस नजर बनाए रखती है. इसी के तहत इस पर किए जाने वाले तमाम पोस्ट्स की जांच पड़ताल की जाती है.

सक्रिय अकाउंट्स की संख्या में आई गिरावट
टि्वटर ने आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले अकाउंट्स को हटाने की जानकारी अपने एक ब्लॉग पर दी है. इसमें कंपनी की ओर से कहा गया है कि हालांकि इससे टि्वटर पर सक्रिय अकाउंट्स की संख्या में कमी आई है, लेकिन हम इस तरह के पोस्ट्स को बढ़ावा नहीं दे सकते. कंपनी ने कहा कि लाखों की तादाद में अकाउंट्स बंद करने से टि्वटर के कुल वॉल्यूम में 8.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. लेकिन हम यह अभियान जारी रखेंगे ताकि यूजर्स के लिए टि्वटर विश्वसनीय बना रहे. कंपनी के ब्लॉग में कहा गया है, ‘हम इस वेबसाइट को आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों के लिए पसंदीदा स्थान नहीं बनने देना चाहते हैं. इसलिए ऐसे अकाउंट्स को नियमित रूप से सस्पेंड किया जाता रहेगा.’ कंपनी ने अपने ब्लॉग में जानकारी दी है कि सस्पेंड किए गए अकाउंट्स में से 93 प्रतिशत अकाउंट आंतरिक जांच में पकड़े गए थे. इनमें से 74 फीसदी अकाउंट तो पहले ट्वीट के बाद ही सस्पेंड कर दिए गए. कंपनी ने कहा कि यूजर्स के हित में कंपनी आगे भी अपने पारदर्शिता के मापदंडों का पालन करती रहेगी.