हैदराबाद: आंध्र प्रदेश की ईस्ट गोदावरी पुलिस ने शनिवार को हैदाराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के दो पूर्व छात्रों को वाइस-चॉन्सलर अप्पा राव पोडिले की हत्या की साजिश रचने के आरोप गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, अप्पा राव की हत्या का प्लान दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद वीसी के खिलाफ बढ़े विरोध और नाराजगी के चलते बनाया गया. बता दें कि जनवरी 2016 में वेमुला की सुसाइड के बाद पूरे देश में नाराजगी और विरोध प्रदर्शन हुए थे.

पुलिस ने बताया कि 27 साल का अंकला प्रदविराज और 28 साल का चंदन कुमार मिश्रा हैदाराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर चुके हैं और दोनों वामपंथी विचारधारा से जुड़े रहे हैं. यूनिवर्सिटी में कुछ घटनाएं होने के बाद दोनों ने माआवादियों से जुड़ना तय कर लिया. इस मामले में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई की है.

कृष्णा जिले के रहने वाले अंकला ने 2010 में हैराबाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था और 2013 तक यहां स्टडी की. दूसरा आरोपी चंदन मिश्रा पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले का रहना वाला है और उसने भी 2013 तक इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी. इनका मानना है कि वीसी की हत्या से स्टूडेंट्स उनकी पार्टी को बढ़ाने में मदद करेगा.

पुलिस के जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि जनवरी 2018 में वे एक माओवादी समर्थक की मदद से चेरला और वेंकटपुरम के बीच के जंगली इलाके में माओइस्ट नेता हरिभूषण से मिले थे. हरिभूषण ने दोनों को पार्टी के सिद्धांतों, विचारधारा के बारे में समझाया और यूनिवर्सिटी से अधिकतर स्टूडेंट्स को भर्ती करने के लिए कहा.

चर्चा के दौरान रोहित वेमुला की आत्महत्या और उस घटना के परिणामों के बारे में भी चर्चा की गई. इसमें इस बात पर भी विचार विमर्श किया गया और तय किया गया कि यदि वीसी अप्पा राव को माओवादी पार्टी के नाम पर मार दिया जाता है तो बहुत से स्टूडेंट्स पार्टी में शामिल हो जाएंगे. माओवादी नेता हरिभूषण ने इन दोनों को संगठन के नाम वाले लेटरहेड भी दिए, जिन्हें हत्या की जगह पर गिराया जाना था. (इनपुट- एजेंसी)