जम्मू: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय (बीजीएसबीयू) ने रविवार को जांच के बाद अपने एक प्रोफेसर के खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि यह आरोप जाहिर तौर पर विश्वविद्यालय की छवि खराब करने के लिए लगाया गया था.

विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि एसोसिएट प्रोफेसर असगर अली शाह पर एक छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोपों की जांच की गई है. इस मामले में शिकायतकर्ता अज्ञात है और आरोप साबित करने के लिए कोई सबूत भी नहीं है. 16 मार्च को विश्वविद्यालय के कई संकाय सदस्यों को डाक से एक पत्र भेजा गया था और एक पत्र कुलपति के दफ्तर में भी मिला था.

मामला ये था कि बाबा गुलाम शाह विश्वविद्याल में एक छात्रा ने अपने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. छात्रा के आरोप पर जम्मू कश्मीर सरकार ने मामले में जांच के आदेश दिए थे. छात्रा ने बुधवार को प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी.

उपायुक्त ने इस शिकायत के सिलसिले में विश्वविद्यालय के कुलपति को नोटिस जारी किया था. शिकायत मुख्य रूप से प्रो. शाह के खिलाफ थी. हालांकि, कुलपति और रजिस्ट्रार के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए थे. उनपर कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर एवं मामले की जांच नहीं कराकर आरोपी को बचाने का आरोप लगा था. उपायुक्त ने रजिस्ट्रार, प्रो शाह, प्रॉक्टर, हॉस्टल के वार्डन, प्रशासनिक अधिकारी समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस मामले में तलब किया था.