नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप के आरोपी विधायक की गिरफ्तारी में हुई देरी के बाद देशभर के लोगों में गुस्सा है. विपक्ष और आम जनता तो सड़कों पर है ही अब असम के तेजपुर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एमपी आरपी शर्मा ने भी बलात्कारियों के लिए सख्त सजा की मांग की है. शर्मा ने बलात्कारियों के दोषियों को जनता के बीच में सरेआम फांसी देने की मांग की है.

आरपी शर्मा ने कहा, ”बलात्कार के दोषियों को जनता के सामने फांसी या फिर गोली मार देनी चाहिए, बलात्कारियों के लिए कोई उदारता नहीं दिखानी चाहिए. अगर दोषी बीजेपी का सदस्य है तब भी ऐसे लोगों को जनता के सामने मार डालना चाहिए.”

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की गिरफ्तारी में हुई देरी से योगी सरकार की बहुत किरकिरी हो चुकी है. कठुआ में भी 8 साल की बच्ची से बलात्कार के बाद पहले तो इस मामले में चार्जशीट फाइल होने में बहुत समय लग गया और जब पुलिस चार्जशीट फाइल करने जा रही थी तो वकीलों ने पुलिस का रास्ता रोकने की कोशिश की थी. इस घटना से लोगों के मन में भारी गुस्सा है. इससे पहले भी शर्मा ने बलात्कारियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की थी.

कहीं 5वीं क्लास तो कहीं 6 साल की बच्ची से रेप, कठुआ-उन्नाव की तरह ही हैं ये केस

कहीं 5वीं क्लास तो कहीं 6 साल की बच्ची से रेप, कठुआ-उन्नाव की तरह ही हैं ये केस

शर्मा ने 28 मार्च को किए ट्वीट में कहा था कि, ”जो लोग रेप करते हैं उनको जनता के बीच में खड़ा करके गोली मार देनी चाहिए, यही एकमात्र तरीका है जिससे ऐसे अपराध को रोका जा सकता है, जो लोग महिलाओं की इज्जत नहीं कर सकते उनके साथ ऐसे ही पेश आना चाहिए.”

इससे पहले कठुआ गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्वत: संज्ञान लिया. कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया, जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन और कठुआ बार एसोसिएशन को नोटिस भेज कर 19 अप्रैल तक जवाब मांगा है. कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले में वकील, पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया में बाधा क्यों पहुंचा रहे हैं? कोर्ट ने कहा है कि किसी भी वकील और बार एसोसिएशन को न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने का हक नहीं है.