नई दिल्लीः उन्नाव रेप केस के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज करने के बावजूद यूपी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से साफ इनकार कर दिया है. लखनऊ में गुरुवार को गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया गया है. ऐसे में सीबीआई ही अब यह तय करेगी कि आरोपी विधायक को गिरफ्तार करना है या नहीं. उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई इस मामले को अपने हाथ में नहीं ले लेती तब तक एसआईटी अपनी जांच जारी रखेगी. तत्काल गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर यूपी पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए डीजीपी ने कहा कि राज्य पुलिस पर किसी तरह का दबाव नहीं है और वह इस मामले में जिम्मेदारी पूर्वक काम कर रही है. गिरफ्तारी के सवाल पर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर एक आरोपी हैं उन्हें दोषी करार नहीं दिया गया है.

डीजीपी ने कहा कि पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. इस मामले में गठित एसआईटी अपना काम कर रही है. डीजीपी ने कहा कि आज ही सीबीआई जांच की अर्जी केंद्र सरकार को भेजी जाएगी. जब तक सीबीआई मामले को टेक ओवर नहीं करती एसआईटी जांच जारी रहेगी. विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 ,506 और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. ऐसे में पुलिस तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है. लेकिन विधायक के मामले में पुलिस ऐसा करने से इनकार कर रही है.

यह भी पढ़ेंः ‘पलटू’ हैं रेप के आरोपी ये बीजेपी विधायक, हर बार पार्टी बदल पहुंचते हैं सदन

पिता की मौत की जांच भी सीबीआई को
सरकार ने पीड़िता के पिता की मौत की जांच भी सीबीआई से कराने का फैसला किया है. पीड़िता के पिता की मौत से संबधित घटनाओं की जांच भी सीबीआई को सौंपी जाएगी. ये फैसले मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( लखनऊ जोन ) के अधीन गठित विशेष जांच टीम के सरकार को रिपोर्ट सौंपने के बाद लिए गए.

हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान
गौरतलब है कि बुधवार को दिन में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी के पत्र पर राज्य सरकार से घटना पर उसका रुख पूछा और मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी. इस बीच, सेंगर बुधवार देर रात अचानक राजधानी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आवास के बाहर दिखे. खबर थी कि वह आत्मसमर्पण करेंगे लेकिन वह बिना आत्मसमर्पण के ही समर्थकों के साथ निकल लिए.

विधायक ने सरेंडर नहीं किया
सेंगर ने कहा, ‘ मैं यहां मीडिया के समक्ष आया हूं. मैं भगोडा नहीं हूं. मैं यहां राजधानी लखनऊ में हूं. बताइए क्या करूं.’ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ से रवाना होने के कुछ ही देर बाद ये घटनाक्रम हुआ. इसके साथ ही योगी सरकार ने उन्नाव जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं. जेल अस्पताल के भी तीन डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है जिन पर पीड़िता के पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है.

इसके साथ ही क्षेत्राधिकारी सफीपुर, कुंवर बहादुर सिंह भी लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिए गए हैं. शासन ने एसआईटी के साथ जेल डीआईजी और उन्नाव जिला प्रशासन से भी रिपोर्ट मांगी थी. एक साथ तीन रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने ये फैसले किए हैं. इसके साथ ही सरकार पीड़िता के परिवार को सुरक्षा भी उपलब्ध कराएगी.

सीएम आवास के बाहर सुसाइड की कोशिश
बता दें कि रेप पीड़िता आरोपी सीएम दरबार में पहुंची थी, लेकिन उसे सीएम से मिलने की इजाजत नहीं दी गई. इससे आहत होकर उसने सीएम आवास के बाहर सुसाइड की भी कोशिश की. इस बीच उसके पिता की पुलिस हिरासत में मौत भी हो गई जिसे पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया था. अब ये मामला सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन के लिए गले की हड्डी बन गया है.