लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस ने पांच राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में आज अलग-अलग स्थानों से चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया और पांच को हिरासत में ले लिया। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने संवाददाताओं को बताया कि पांच राज्यों की पुलिस के साथ चलाये गये जॉइंट ऑपरेशन में मुंबई, जालंधर, नरकटियागंज (बिहार), बिजनौर और मुजफ्फरनगर में छापेमार कार्रवाई में चार लोगों को दहशतगर्दाना साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, वहीं पांच अन्य को भी संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

चौधरी ने बताया कि कुल नौ लोग हिरासत में लिये गये हैं। चार लोगों के खिलाफ हमें सुबूत मिला है, बाकी पांच से पूछताछ जारी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश एटीएस, दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल, आंध्र प्रदेश के खुफिया सेल, महाराष्ट्र एटीएस, पंजाब पुलिस और बिहार पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़े गये युवक 18 से 25 साल आयु के हैं। अभी तक जो भी जानकारियां मिली हैं, उनके मुताबिक वे सभी कोई ऐसी वारदात करने की साजिश रच रहे थे, जिससे क्षेत्र में आतंक फैले और उनके गिरोह को पहचान मिले।

चौधरी ने गिरफ्तार युवकों को ‘पथ भ्रमित’ करार देते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह रहेगा कि ये जो पथभ्रमित युवक हैं, उनकी काउंसिलिंग करके उन्हें मुख्यधारा में दाखिल किया जाए। वे षड्यंत्र कर रहे थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए, क्योंकि हमने उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया। हमने सर्विलांस के जरिये उन पर नजर रखी और उन्हें पकड़ लिया। इन गिरफ्तारियों का लखनउ में पिछले महीने सैफुल्लाह नामक आतंकवादी के मुठभेड़ में मारे जाने की घटना से संबंध होने के सवाल पर अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि लखनऊ वाली घटना से इसका कोई ताल्लुक नहीं है। आज पकड़े गये युवकों के आईएस से सम्बन्धों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी जांच में और चीजें सामने आएंगी।