रुद्रप्रयाग: फेक न्यूज यानी कि फर्जी खबर कितनी खतरनाक हो सकती है इसका ताजा उदाहरण शुक्रवार को दिखाई दिया जब उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के एक शांत कस्बे अगस्तयमुनि में फर्जी खबर के आधार पर हिंसा की गई. इस हिंसा में 15 दुकानों में आग लगा दी गई थी. पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने फर्जी खबर को जमकर शेयर किया. फर्जी खबर में बताया गया कि अगस्तमुनि में एक समुदाय विशेष के आदमी ने दूसरे समुदाय की एक नाबालिग लड़की का बलात्कार किया है जबकि हकीकत में रेप का कोई मामला हुआ ही नहीं है. रुद्रप्रयाग जिले के डीएम और पुलिस अधिकारियों ने इस रेप की खबर को फर्जी बताया है.

पुलिस अधिकारी ने ट्विटर पर जारी अपने वीडियो संदेश में कहा है, ”एक बच्ची से छेड़छाड़ से संबंधित मामला सामने आया है जिसके विरोध में छात्र छात्राओं ने काफी बड़ा विरोध भी किया है, इस संबंध में हम शांति की अपील करते हैं, सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिसपर ध्यान न दें. इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है जो पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है. जनता से अपील है कि पुलिस जांच कर रही है.”

घटना के बाद से अगस्तयमुनि में धारा 144 लगा दी गई है और पुलिस ने 3 लोगों को फर्जी खबर फैलाने के आरोप में गिरफ्तार भी किया है. शनिवार को पुलिस ने अगस्तमुनि इलाके में फ्लैग मार्च भी किया. रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश कुमार घिल्डियाल ने भी रेप की खबर को फर्जी बताया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. डीएम ने कहा है, ”फेसबुक पर एक पोस्ट किया गया है जिसमें युवक और युवती के चेहरे भी नहीं दिखाई दे रहे हैं, यह पोस्ट किया गया कि एक समुदाय के युवक ने दूसरे समुदाय की युवती से रेप किया है लेकिन इस संबंध में युवक की पहचान हुई है और न युवती की और न इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है. यह सिर्फ एक अफवाह है, जिस व्यक्ति द्वारा फेसबुक पर पोस्ट डाला गया, उसकी खोज जारी है और उसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”

अगस्तमुनि रुद्रप्रयाग जिले का एक शांत कस्बा है, यहां पहले कभी इस तरह फर्जी खबर के आधार पर हिंसा नहीं हुई थी. रुद्रप्रयाग डिस्ट्रिक्ट ऑफिस से 18 किलोमीटर दूर और 1 हजार मीटर की ऊंचाई पर बसे अगस्तयमुनि मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा है. इस इलाके का नाम अगस्त मुनि के नाम पर पड़ा है जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने इस स्थान पर की सालों तक ध्यान लगाया था.