नई दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में पहली बार अध्यक्ष पद का चुनाव होने जा रहा है. शनिवार को सुबह 11 बजे गुरुग्राम में इसके लिए वोट डाले जाएंगे. दुनिया में हिंदुत्व का झंडा फहराने का दावा करने वाली संस्था की स्थापना साल 1964 में हुआ था. अब तक वहां अध्यक्ष नॉमिनेट होता रहा है. अध्यक्ष के चुनाव के लिए 29 दिसंबर को भुवनेश्वर में मीटिंग हुई थी, लेकिन दो गुटों में मतभेद के बाद कोई रिजल्ट नहीं निकल पाया था.

माना जा रहा है कि विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया और राष्ट्रीय अध्यक्ष राघव रेड्डी से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की असहमति है. इसी वजह से वहां चुनाव हो रहा है. कहा जाता है कि राघव रेड्डी प्रवीण तोगड़िया के करीबी हैं. वहीं, आरएसएस विष्णु सदाशिव कोकजे को अध्यक्ष बनाना चाहता है. बता दें कि वह मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जज और हिमाचल के गवर्नर रह चुके हैं.

विश्व हिंदू परिषद के इस चुनाव में भारत के 209 डेलिगेट और भारत से भाहर के 64 डेलिगेट वोट करेंगे. बता दें कि प्रवीण तोगड़िया कई साल से विहिप का चेहरा रहे हैं. कहा जाता है कि तोगड़िया और राघव रेड्डी एक दूसरे को खूब सपोर्ट करते हैं और संगठन पर मजबूत पकड़ बनाने की हर संभव कोशिश करते हैं.

बता दें कि प्रवीण तोगड़िया पिछले कुछ समय से नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहते हैं. इसे बीजेपी और संघ साल 2019 के चुनाव के लिए ठीक नहीं मानते हैं. तोगड़िया से नजदीकी के कारण राघव रेड्डी को भी संघ और बीजेपी के लोग पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि उनसे विहिप अध्यक्ष पद दूर जा सकता है.