नई दिल्ली। सोमवार को भारत के महामहिम के लिए मतदान किया जा रहा है. मुख्य मुकाबला एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार के बीच है. मतों की गिनती 20 जुलाई को होगी और उसी दिन शाम तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे. भारत के राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे तौर पर नहीं करती. इस चुनाव की प्रक्रिया, गिनती और अन्य बिंदुओं को इन 10 बिंदुओं में समझ सकते हैं.

  • राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है. यानी जनता अपने राष्ट्रपति का चुनाव सीधे नहीं करती, बल्कि उसके वोट से चुने गए प्रतिनिधि करते हैं. भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुने गए सदस्य और लोकसभा तथा राज्यसभा में चुनकर आए सांसद अपने वोट के माध्यम से करते हैं.
  • वोट डालने वाले सांसदों और विधायकों के वोट का प्रमुखता अलग-अलग होती है. इसे वेटेज भी कहा जाता है. दो राज्यों के विधायकों के वोटों का वेटेज भी अलग अलग होता है. यह वेटेज राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय किया जाता है और यह वेटेज जिस तरह तय किया जाता है, उसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व व्यवस्था कहते हैं.
  • भारत में राष्ट्रपति के चुनाव में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने से ही जीत तय नहीं होती है. राष्ट्रपति वही बनता है, जो वोटरों यानी सांसदों और विधायकों के वोटों के कुल वेटेज का आधा से ज्यादा हिस्सा हासिल करे. यानी इस चुनाव में पहले से तय होता है कि जीतने वाले को कितना वोट चाहिए.
  • इस समय राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो इलेक्टोरल कॉलेज है, उसके सदस्यों के वोटों का कुल वेटेज 10,98,882 है. जीत के लिए प्रत्याशी को हासिल 5,49,442 वोट करने होंगे. जो प्रत्याशी सबसे पहले यह वोट हासिल करता है, वह राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा.
  • बिहार के पूर्व राज्यपाल और एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद और यूपीए की प्रत्याशी मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं. संख्याबल के मामले में कोविंद का पलड़ा भारी माना जा रहा है.
  • इस बार एक विशेष सीरियल नंबर वाले पेन और स्याही के जरिए निर्वाचक मंडल के सदस्य वोट डालेंगे. इस बार सदस्यों को दूसरा कोई और पेन वोटिंग चैंबर के अंदर ले जाने की इजाजत नहीं होगी. 2016 में हुए राज्यसभा सीटों के चुनाव के दौरान हरियाणा में हुए एक विवाद के बाद चुनाव आयोग ने इस विशेष पेन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. उपराष्ट्रपति चुनाव में भी इसका प्रयोग होगा.
  • इस बार अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा. सांसदों के लिए हरे रंग का और विधायकों के लिए गुलाबी रंग का बैलेट पेपर होगा.
  • मतदान की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मतदान संसद भवन और प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10.0 बजे से शाम 5.00 बजे तक होगा.
  • संसद भवन के कमरा संख्या-62 में मतदान केंद्र बनाया गया है और सांसद जिन राज्यों से चुनकर आए हैं, उसे आवंटित मेज संख्या के अनुसार मतदान करेंगे. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी मेज संख्या-6 पर मतदान करेंगे, क्योंकि तीनों उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं.