नई दिल्ली। देश के करीब 10 राज्यों में एटीएम में कैश की कमी के चलते सरकार पांच गुना रफ्तार से नोट छापने में लगी है. सरकार ने भरोसा दिया है कि देश में कैश की कमी नहीं आने दी जाएगी. साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी हिदायत दी है. आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव एस सी गर्ग ने कहा कि सामान्य से ज्यादा पैसों की निकासी के चलते ऐसे हालात पैदा हुए हैं.

सरकार ने दिया भरोसा

आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव एस सी गर्ग ने आज भरोसा दिलाया कि कैश की कमी नहीं आने दी जाएगी. गर्ग ने कहा कि हम हर दिन 500 के नोट के 500 करोड़ रुपये छाप रहे हैं. हमने प्रोडक्शन पांच गुना बढ़ा दिया है. अगले दो दिनों में हम 500 के नोट के 2500 करोड़ रुपये बाजार में उतार देंगे. पूरे महीने में 70 से 75 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध होंगे.

सामान्य से तीन गुना ज्यादा निकासी

उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 दिनों में सामान्य से तीन गुना ज्यादा कैश की निकासी हुई है. इसीलिए नोट कम पड़ गए हैं. आम तौर पर हर महीने 20 हजार करोड़ रुपये की ही मांग रहती है, लेकिन पिछले 15 दिनों में बैंकों-एटीएम से 45 हजार करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं. यही वजह है कि कई राज्यों में कैश की कमी हो गई है. उन्होंने कहा, लेकिन लोग घबराएं नहीं, नोटबंदी के समय भी 17.50 लाख करोड़ के नोट चलन में थे, और अभी 18 लाख करोड़ है.

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एटीएम में भटक रहे लोग

बैंकों और एटीएम में कैश की कमी से अफरातफरी मची हुई है. पैसों के लिए लोग एटीएम दर एटीएम भटक रहे हैं लेकिन नो कैश का बोर्ड देखकर मायूस लौट रहे हैं. 2000 के नोटों की जमाखोरी जैसे कई बातें कही जा रही हैं. इधर, सरकार लोगों को भरोसा दिलाने में जुटी है कि एटीएम में कैश की कमी नहीं होने दी जाएगी. एमपी के देवास में भी नोटों की छपाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

नोटबंदी जैसा नजारा 

बता दें कि कैश की कमी के चलते कई राज्यों में नोटबंदी के दौरान जैसे नजारे आम हो गए हैं. लोग एटीएम के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कैश नहीं मिल रहा है. बैंकों में भी कैश की कमी है. कैश की कमी से जूझ रहे प्रमुख राज्य हैं- मध्य प्रदेश, बिहार, यूपी, गुजरात, तेलंगाना. एमपी के सीएम शिवराज सिंह ने कल चेताया भी था कि 2000 के नोट की जमाखोरी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.