कोलकाता: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में सांप्रदायिक हिंसा के तनाव के बीच राज्य के चुनाव आयोग ने पंचानय चुनाव का ऐलान कर दिया है. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव मई महीने में तीन चरणों मे होंगे. चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव का ऐलान करते हुए बताया कि चुनाव तीन चरणों में एक मई, तीन मई और पांच मई को चुनाव आयोजित करवाए जाएंगे.

पंचायत चुनाव 2019 में होने वाले आम चुनावों से पहले काफी मायने रखते हैं क्योंकि राज्य में यह अंतिम बड़ा चुनाव होगा. राज्य चुनाव आयुक्त (एसईसी) ए के सिंह ने पत्रकारों से कहा कि एक मई को 12 जिले में चुनाव होंगे जबकि तीन मई को दो जिलों में चुनाव कराए जाएंगे. सिंह ने बताया कि तीसरे चरण में 5 मई को आठ जिलों में चुनाव होंगे. उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग और कलिमपोंग में पंचायत चुनाव नहीं होंगे.

पहले चरण में नादिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी वर्द्धवान, पश्चिम वर्द्धवान, पुरुलिया, बांकुरा, झाड़ग्राम, पश्चिम मिदनापुर और पूर्वी मिदनापुर में चुनाव कराए जाएंगे. सिंह ने कहा कि तीन मई को मुर्शिदाबाद और बीरभूम जिलों में चुनाव होंगे जबकि तीसरे चरण में पांच मई को कूचबिहार, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा जिलों में चुनाव होंगे. राज्य में जारी हिंसा के मद्देनजर अगर किसी कारणवश चुनाव दोबारा करवाने की नौबत आती है तो चुनाव आयोग ने इसके लिए भी तैयारी कर रखी है. ऐसी स्थिती में पहले चरण के लिए पुनर्मतदान तीन मई को, दूसरे चरण के लिए पांच मई को और तीसरे चरण के लिए सात मई को होंगे. मतदान का समय सुबह 7 से शाम 5 बजे तक रखा गया है.

चुनाव के ऐलान के साथ ही चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई है जबकि नामांकन करने की अंतिम तारीख 9 अप्रैल है. उम्मीदवारों द्वारा भरे गए मतपत्रों की जांच 11 अप्रैल को और नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 16 अप्रैल है. मतगणना आठ मई को की जाएगी. राज्य चुनाव आयुक्त ने इस सप्ताह राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर पंचायत चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की थी.