नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड के पेपर लीक होने को लेकर और नए दावे सामने आए हैं. इनमें एक 12वीं के हिंदी के पेपर को सोशल मीडिया में दिखाते हुए इसके भी लीक होने का दावा किया गया है.  सीबीएसई ने इसे  तुरंत फर्जी बताते हुए लोगों को अफवाहों से बचने के लिए कहा है. वहीं, एक व्हिसलब्लोअर ने  दावा किया है कि पॉलिटिकल साइंस का पेपर भी लीक हुआ था. सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर दिख रहे 12 वीं कक्षा के हिंदी के पर्चे को फर्जी बताते हुए शनिवार को लोगों से पर्चे को लेकर अफवाहें ना फैलाने की अपील की.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12 वीं के हिंदी (चयनात्मक) विषय की परीक्षा 2 अप्रैल को आयोजित करेगा. सीबीएसई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ”सोशल मीडिया यानी व्हाट्सऐप, यूट्यूब पर 12 वीं कक्षा के हिंदी (चयनात्मक) (अलग) विषय की परीक्षा का एक फर्जी प्रश्नपत्र फैलाया जा रहा है.” बोर्ड ने कहा, ”ये प्रश्नपत्र या तो पुराने साल के हैं या फर्जी हैं. इसलिए इन फर्जी पर्चों को लेकर खबरें ना फैलाने का अनुरोध किया जाता है, ताकि छात्र एवं दूसरे हितधारक गुमराह ना हों.”

लुधियाना में एक व्हिसलब्लोअर ने दावा किया कि उसने यूट्यूब पर पेपर लीक कर रहे व्यक्ति से संपर्क किया. मैंने सीबीएसई, पीएम और पुलिस को 17 मार्च को इस बारे में अलर्ट किया था. मैं 100 फीसदी सुनिश्चित हूं कि पॉलिटिकल साइंस का पेपर भी लीक हुआ था.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सीबीएसई पेपर लीक की जांच मामले में कहा है कि गूगल से एक ईमेल का एड्रेस और उसकी डिटेल मिली है और जिस व्यक्ति ने मेल किया था, उसकी पहचान कर ली गई है. मामले की जांच जारी है. अभी तक 53 स्टूडेंट्स और 7 टीचर्स से पूछताछ की जा चुकी है. (इनपुट – न्यूज एजेंसी)