नई दिल्ली: सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस 12वीं के अर्थशास्त्र और 10वीं के गणित पेपर लीक मामले की जांच अलग-अलग कर रही है. बुधवार को सीबीएसई इन दोनों विषयों की परीक्षा दोबारा लेने की घोषणा की है. यानी छात्रों को 10वीं के मैथ्स की और 12वीं के इकोनॉमिक्स की परीक्षा दोबारा देनी होगी. कथित तौर पर मैथ्स और अर्थशास्त्र का पेपर वाट्सऐप और सोशल मीडिया के जरिये लीक की गई थी.

HRD मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि परीक्षा और पूरी शिक्षा प्रणाली को लीक प्रूफ बनाया जाएगा. जबकि 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों का कहना है कि यह अनुचित और हतोत्साहित करने वाला कदम है.

जानिये सीबीएसई का प्रश्नपत्र कौन सेट करता है और उसे किस तरह से गोपनीय रखा जाता है यह आप भी जानिये…

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कौन सेट करता है CBSE का question paper?

पेपर सेट करने के लिए CBSE बोर्ड अलग-अलग विषयों के 4-5 एक्सपर्ट का चुनाव करता है. ये एक्सपर्ट किसी कॉलेज या स्कूल के टीचर हो सकते हैं. टीचर हर विषय के लिए तीन सेट प्रश्न पत्र बनाते हैं. प्रश्न पत्र बनाने के बाद शिक्षक उसे बंद लिफाफे में बोर्ड को भेजते हैं. एक कमेटी उस पेपर की जांच करती है कि वह बोर्ड के मानकों पर खरा उतरता है या नहीं. इस कमेटी में यूनिवर्सिटी और स्कूल के शिक्षक और प्रिंसिपल शामिल होते हैं, जो क्वेश्चन पेपर की जांच करते हैं. इसी कमेटी के सदस्य ही प्रश्न पत्र के सेट्स को फाइनल करते हैं और बंद लिफाफे में उसे CBSE के पास भेजते हैं.

पेपर सेट करने की प्रक्रिया कब शुरू होती है?

जुलाई और अगस्त में हर साल पेपर सेट करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

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प्रश्नपत्र के कितने वर्जन बनते हैं?

दिल्ली के स्कूलों के लिए हर विषय के लिए प्रश्न पत्र के तीन सेट बनाए जाते हैं और दिल्ली से बाहर के स्कूलों के लिए तीन सेट. तीन सेट विदेश में मौजूद उन स्कूलों के लिए तैयार किए जाते हैं, जो CBSE एफिलिएटेड हैं. इसके अलावा बैकअप के लिए भी 18 सेट तैयार किए जाते हैं. इनमें से कुछ का इस्तेमाल कंपार्टमेंट परीक्षाओं में किया जाता है.

पेपर को कैसे रखा जाता है गोपनीय?

जिन एक्सपर्ट को पेपर सेट करने के चुना जाता है, उन्हें परीक्षा होने तक यह पता नहीं होता है कि उनके प्रश्न पत्र को ही फाइनल किया गया है.