चंडीगढ़| पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 1971 के युद्ध के एक सैनिक की पत्नी द्वारा दायर रिट याचिका पर केन्द्र को नोटिस जारी किया. महिला ने याचिका में पाकिस्तान से अपने पति को अपने देश भारत लाये जाने की मांग की है.

न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन की पीठ ने फरीदकोट निवासी ए. कौर द्वारा याचिका की सुनवाई करते हुए विदेश मंत्रालय तथा बीएसएफ को 11 नवम्बर के लिए नोटिस जारी किया. याचिकाकर्ता के वकील एच सी अरोरा ने कहा कि महिला ने साल 1971 के युद्ध के दौरान 4 दिसम्बर, 1971 को पाकिस्तानी सेना द्वारा बंदी बनाये गये बीएसएफ के कांस्टेबल और अपने पति सुरजीत सिंह को स्वदेश लाये जाने के निर्देश दिये जाने की मांग की है.

इस मंदिर में यज्ञ के बाद ही मिली थी कारगिल युद्ध में जीत

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अरोरा ने कहा कि हालांकि बीएसएफ अधिकारियों ने भारतीय जवान सुरजीत सिंह को को युद्ध में शहीद माना है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी के 28 अप्रैल 2011 को पाकिस्तान में एक समाचार पत्र को दिये उस बयान पर विश्वास जताया जिसमें दावा किया गया कि भारत का जवान कांस्टेबल सुरजीत सिंह पाकिस्तान की जेल में है और उसने 20 वर्ष की कैद पूरी कर ली है.