मनीला. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां भारतीय समुदाय से कहा कि 21वीं सदी भारत के नाम करने के लिये वह कड़ी मेहनत करें. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार देश में बदलाव लाने और उसे नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है. फिलीपीन की राजधानी में यहां भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि समस्यायें आ सकतीं हैं लेकिन एक बार इनसे पार पा लिया गया तो भारत को नई ऊंचाईयों को छूने से कोई नहीं रोक सकता है.

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पीएम मोदी ने अपने करीब 35 मिनट के भाषण में कहा, हमारा प्रयास है कि भारत में बदलाव लाया जाये, हम चाहते हैं कि भारत में जो कुछ भी हो वह सब अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप हो. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है लेकिन यह हर भारतीय का कर्तव्य है कि वह इसे भारत की सदी बनाने के लिये कड़ी मेहनत करे.

पीएम मोदी ने उत्साहित भारतीय समुदाय के लोगों से जोर देकर कहा, मैं कहता हूं कि यह संभव है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा से ही दुनिया में शांति के लिये योगदान दिया है. दोनों विश्व युद्ध में भारत के सवा लाख सैनिकों ने केवल शांति स्थापना के लिये अपना बलिदान दिया.

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विश्व शांति में भारत के योगदान का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारत के सैनिकों की संख्या सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले देशों में से एक थी. भारत महात्मा गांधी की भूमि है, शांति हमारी संस्कृति का अटूट हिस्सा है. मोदी ने अपने भाषण में स्वच्छ भारत अभियान, जनधन योजना और उज्ज्वला योजना पहलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, कौन भारतीय है जो सफाई नहीं चाहता है? हमने वहां से शुरू किया जहां महात्मा गांधी ने छोड़ा है और अब तक भारत में 2.25 लाख से अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि एक समय था जब देश में गैस सिलेंडर का कनेक्शन लेना बड़ा काम माना जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने तीन साल में 3.5 करोड़ परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया है. विपक्ष पर हमला करते हुये मोदी ने कहा कि 2014 से पहले लोग यह पूछा करते थे कि घोटाले में कितना पैसा गया लेकिन आज वह पूछते हैं कि कितना पैसा आया है.