नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर वाईएसआर कांग्रेस के 5 सांसदों ने शुक्रवार को इस्तीफा देने के बाद शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी. लेकिन इन सांसदों में पार्टी की ओर से लोकसभा में नेता एम राजमोहन रेड्डी की हालत खराब हो गई. आंध्र प्रदेश भवन में भूख हड़ताल पर बैठे रेड्डी की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि पार्टी के पांच सांसदों- वारा प्रसाद राव वेलगापल्ली, वाईवी सुभा रेड्डी, पीवी मिधुन रेड्डी, वाईएस अविनाश रेड्डी और सदन में पार्टी के नेता एम राजमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश को विशेष देने की मांग को लेकर इस्तीफा दिया है.

लोकसभा स्पीकर को सौंपा था इस्तीफा
वाईएसआर कांग्रेस के पांच सांसदों वारा प्रसाद राव वेलगापल्ली, वाई वी सुभा रेड्डी और पी वी मिधुन रेड्डी, वाईएस अविनाश रेड्डी और सदन में पार्टी के नेता एम राजमोहन रेड्डी ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा था. इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के चैम्बर में पहुंचकर उनको अपना इस्तीफा सौंपा था. इनमें से एक त्यागपत्र में कहा गया है, मैं तत्काल प्रभाव से अपनी सीट से इस्तीफा देता हूं.

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
इस्तीफा देने के बाद वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने अशोक रोड पर स्थित आंध्र प्रदेश भवन में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी. राज्य से कई पार्टी विधायक और कार्यकर्ता उनके साथ थे.

जगन मोहन ने नायडू की दी चुनौती
सांसदों के इस्तीफे से पहले वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी ने ट्वीट किया था, ”हम जो कहते हैं वो करते हैं. वाईएसआर कांग्रेस के सांसद आज इस्तीफा सौंप रहे हैं. एन चंद्रबाबू नायडू को चुनौती है कि वह टीडीपी सांसदों का इस्तीफा करवाएं और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की जायज मांग को लेकर राज्य के लोगों के साथ एकजुट होकर खड़े हों.

एनडीए सरकार पर लगाया नाकामी का आरोप
इन सांसदों ने शुक्रवार को कहा था कि वे आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने में एनडीए सरकार की नाकामी के विरोध में इस्तीफा दे रहे हैं. (इनपुट- एजेंसी)