रांची: भारत बंद के दौरान 2 अप्रैल को रांची में हुए हंगामे और पुलिस द्वारा स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज के विरोध में आदिवासी समाज ने गुरूवार को रांची में प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व शिक्षा गीताश्री उरांव, मंत्री पूर्व मुंत्री सुबोधकांत सहाय, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के महासचिव बंधु तिर्की ने किया. प्रदर्शनकारियों ने राज भवन के सामने मार्च किया. इस मार्च में करीब 3 हजार लोग शामिल हुए. इस दौरान शांति-व्यवस्ता बनाए रखने के लिए 1000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है.

इस मार्च में कई प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया. इस दौरान लोगों ने कहा कि किसी भी सूरत में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन नहीं होने दिया जाएगा. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वालों पर भी पुलिस बल प्रयोग किया जा रहा है.

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राजभवन मार्च को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए महिला पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी. वहीं विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी.