नई दिल्ली: बैशाख महीने में शुक्लपक्ष में आने वाला त्योहार अक्षय तृतीया को अका तीज भी कहते हैं. इस दिन का ज्योतिष में खास महत्व है. अक्षय तृतीया तिथि को इतना शुभ मानते हैं कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती. साल भर घर में लक्ष्मी का वास बनाने के लिए लोग इस दिन सोने की खरीदारी करते हैं और अपने राशि अनुसार चीजों का दान करते हैं. अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है.

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अक्षय तृतीया से जुड़े ये तथ्य क्या जानते हैं आप…
1. ईश्वर के साथ-साथ पितरों प्रसन्न करने और उनकी शांति के लिए अक्षया तृतीया को बहुत विशेष माना जाता है.

2. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ इस दिन शिव-पार्वती और हनुमान की पूजा भी की जाती है.

3. चार युगों की शुरुआत अक्षय तृतीया से मानी गई है. इसी दिन से सतयुग और त्रेतायुग का प्रारंभ बताया जाता है.

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4. श्रीकृष्ण ने सुदामा से अक्षया तृतीया के दिन ही चावल लिए थे.

5. पुराणों के अऩुसार विष्णु जी के परशुराम अवतार का जन्म अक्षय तृतीया के दिन ही हुआ था. अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के अवतार नर-नारायण और हयग्रीव का अवतरण हुआ था.

6. वैशाख के महीने में अक्षय तृतीया मनाई जाती है. यह भी मान्यता है कि इसी दिन वेद व्यास और भगवान गणेश ने महाभारत का लेखन शुरू किया था. ऐसी भी मान्यता है कि इसी दिन महाभारत युद्ध समाप्त भी हुआ था. अक्षय तृतीया के दिन द्वापर युग खत्म हुआ था.

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7. अक्षय तृतीया के दिन ही बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलते हैं और वृन्दावन के श्री बांके बिहारी जी मंदिर में सम्पूर्ण वर्ष में केवल एक बार, अक्षय तृतीया पर ही श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं.