सैन फ्रांसिस्को: एप्पल ने इस बात से इनकार किया है कि वह निकट भविष्य में आईट्यून्स को खत्म करने जा रही है या उसे बदलने जा रही है. कपर्टिनो की कंपनी ने उन मीडिया रिपोर्टो पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यह जानकारी दी है, जिसमें बताया जा रहा था कि एप्पल आईट्यून्स को खत्म करने जा रही है, क्योंकि खुद एप्पल की म्यूजिक स्ट्रीमिंग सेवा और उसकी प्रतिद्वंद्वी प्लेटफॉर्म्स जैसे स्पोर्टीफाई की सेवा अधिक लोकप्रिय हो रही है.

एप्पल के प्रवक्ता ने द सन को मंगलवार को बताया, “यह सच नहीं है.” आईफोन निर्माता ने अपने संगीत उद्योग के भागीदारों को कथित रूप से एक पत्र भेजा था, जिसका शीर्षक ‘आईट्यून्स एलपी की समाप्ति’ थी. इस पत्र में कहा गया था कि 31 मार्च 2019 तक आईट्यून्स को बंद कर दिया जाएगा.

इस पत्र में कंपनी ने कहा कि जिन ग्राहकों ने आईटयून्स एलपी की खरीदारी की थी, वे मार्च तक 19.99 रुपये सालाना मूल्य पर कंटेंट प्राप्त करते रहेंगे. एप्पल ने साल 2009 में आईट्यून्स एलपी फॉर्मेट शुरू किया था, जबकि इसके बंद करने की खबरें साल 2016 से ही फैल रही हैं.

एमक्‍यूए जैसी तकनीकों की मदद से ज्‍यादा रिजॉल्‍यूशन वाले ऑडियो की स्‍ट्रीमिंग संभव है. ये तकनीकें उसी बैंडविथ पर सीडी की गुणवत्‍ता वाली फाइल की भी स्‍ट्रीमिंग कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल एप्‍पल म्‍यूजिक या स्‍पॉटीफाय भी इस तरह के म्‍यूजिक की स्‍ट्रीमिंग नहीं कर रही हैं.