नई दिल्ली: बढ़ती गर्मी से आपकी त्वचा और रंगत ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि इससे किडनी की सेहत भी प्रभावित होती है.
हालांकि किडनी की सेहत को ठीक रखने के लिए सही खाना बहुत जरूरी है, लेकिन पानी की कमी किडनी में पथरी की बीमारी का खतरा बढ़ा देती है.

हालांकि किडनी की बीमारी जेनेटिक वजहों से भी होती है, लेकिन इसमें लाइफस्टाइल और डायट का योगदान भी होता है. एक अनुमान के अनुसार हर 20 में सेे एक व्यक्ति के किडनी में स्टोन विकसित हो जाता है. लिहाजा देश में 5 से 7 मिलियन लोगों को किडनी में पथरी की बीमारी है.

गर्मी में पसीने के साथ शरीर का विषाक्त तत्व तो निकलता ही है, साथ में पसीने के साथ शरीर का खनिज और पानी भी निकल जाता है. इसलिए गर्मी में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है. शरीर में पानी की कमी के कारण पेशाब कॉन्सेंट्रेट हो जाता है. इसके कारण नमक और खनिज किडनी की आंतरिक परत पर जम जाता है. और यही जमाव धीरे-धीरे पत्थर का रूप ले लेता है.

अध्ययन करने वाले फ्रेड्रिक कोय ने बताया जो लोग ज्यादा से ज्यादा पेशाब करते हैं, ऐसे लोगों में पथरी की बीमारी का खतरा कम होता है. दिन में 2 से 2.5 लीटर मूत्र त्यागने वाले लोगों में स्टोन का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है.

किडनी में मौजूद पत्थर सिर्फ किडनी की सेहत को प्रभावित नहीं करता. इससे शरीर का पूरा सिस्टम प्रभावित होता है. पर्याप्त पानी पीकर पथरी की बीमारी से बचा जा सकता है. रोजाना आप पानी कितना पीते हैं इसका अंदाजा आपकी पेशाब से लगाया जा सकता है. किडनी शरीर से विषाक्त को बाहर निकालती है और शरीर में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखती है.

इसलिए गर्मी में खासतौर से ज्यादा पानी पीना जरूरी है, जब शरीर को सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है.