नई दिल्ली: ईसाई धर्मानुसार ईसा मसीह परमेश्वर के पुत्र थे. ईसा मसीह को यीशु के नाम से भी पुकारा जाता है. यीशु का जीवन, भाईचारे, सहनशीलता और अमन की मिसाल है. उनके संदेश आज भी अत्यंत प्रासंगिक हैं. उनका जीवन, बल्कि सूली पर किया गया बलिदान भी मानवता को सदैव राह दिखाता रहेगा. ईसा मसीह के बलिदान दिवस को गुड फ्राइडे कहते हैं. इस दिन श्रद्धालु प्रेम, सत्य और विश्वास की डगर पर चलने का प्रण लेते हैं. कई जगह लोग इस दिन काले कपड़े पहनकर शोक व्यक्त करते हैं.

आज के दिन ईसाई समाज के लोग गिरजाघर जाकर प्रभु यीशु के सामने प्राथना करते हैं. यीशु को उनके त्याग के लिए याद किया जाता है. आज के दिन किसी भी गिरजाघर में घंटा नहीं बजाया जाता. आज के दिन घंटे की जगह लकड़ी के खटखटे से आवाज की जाती है. आज का दिन पूरी दुनिया में मनाया जाता है.

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जिस अच्छाई और सच्चाई का रास्ता दिखाते-दिखाते ईसा मसीह ने अपने प्राण दे दिए उन सद्गुणों को आप भी जानें…

1. कोई अच्छा पेड़ बुरा फल नहीं देता और न कोई बुरा पेड़ अच्छा फल देता है. हर पेड़ अपने फल से पहचाना जाता है.

2. तुम लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए अपने धर्म के कार्यों का प्रदर्शन मत करो. अन्यथा तुम अपने स्वर्गिक पिता के पुरस्कार से वंचित रह जाओगे.

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3. जो छोटी से छोटी बातों में ईमानदारी बरतता है, वह बड़ी बातों में भी ईमानदार होता है. इसी प्रकार जो छोटी से छोटी बातों में भी बेईमान है, वह बड़ी बातों में भी बेईमान है.

4. जो मांगता है, उसे दिया जाता है, जो ढूंढ़ता है उसे मिल जाता है और जो खटखटाता है, उसके लिए द्वार खोला जाता है.