नई दिल्ली: जैन धर्म दुनिया का सबसे पुराना धर्म माना जाता है. श्री वर्धमान महावीर जैन समाज के 24वें तीर्थंकर थे. इसलिए महावीर जयंती जैनियों का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. इस बार महावीर जयंती 29 मार्च को है. इस मौके पर देश के तमाम जैन मंदिरों को सजाया जाएगा और रथ यात्रा निकाली जाएगी. इस दिन जैन समाज के लोग भगवान महावीर के उपदेशों को समाज में प्रचारित करते हैं और गरीबों की मदद करते हैं.

इस मौके पर जानिये देश के कुछ प्रसिद्ध जैन मंदिरों के बारे में, जहां महावीर जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है.

1. श्री महावीर जैन मंदिर

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राजस्थान स्थित श्री महावीर जैन मंदिर में 24वें तीर्थंकर श्री वर्धमान महावीर जी की विशालकाय 29 फुट ऊंची मूर्ति है. ऐसा कहा जाता है कि इस मूर्ति का निर्माण महावीर जी की 2500 वें वर्षगांठ पर किया गया था.

2. पार्श्वनाथ मंदिर

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यह मंदिर मध्यप्रदेश के खजुराहो में है. इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में किया गया था. हालांकि यह जैन मंदिर आदित्यनाथ जी को समर्पित है, लेकिन 19वीं शताब्दी में भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा स्थापित होने की वजह से लोग इस मंदिर को पार्श्वनाथ मंदिर भी कहते हैं. पार्श्वनाथ मंदिर भारतीय वास्तुकला का बेजोड़ नमूना रहा है.

3. मीरपुर जैन मंदिर

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राजस्थान के सिरोही जिले के मीरपुर में स्थित मीरपुर जैन मंदिर की खूबसूरती के चर्चे दूर-दूर तक हैं. मार्बल से बना यह सबसे पुराना मंदिर माना जाता है. इसका निर्माण 9वीं शताब्दी में किया गया था. ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर 1100 साल पुराना है. यह मदिंर भी भगवान पार्श्वनाथ जी को समर्पित है. इस मंदिर की खूबसूरती का अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि इसका उल्लेख वर्ल्ड एंड इनसाइक्लोपीडिया ऑफ आर्ट में भी किया गया है.

4. धर्मनाथ मंदिर

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यह मंदिर केरल के कोचीन में है. यहां भगवान धर्मनाथ की पूजा होती है. भगवान धर्मनाथ 15वें जैन तीर्थंकर थे. यह 100 साल पुराना मंदिर है. इसको पत्थर से बनाया गया है.

5. शिखर जी मंदिर

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जैन समाज का यह सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है. इस मंदिर को लोग पारसनाथ मंदिर के नाम से भी जानते हैं. यह झारखंड के गिरिडीह जिले के पारसनाथ पहाड़ियों पर स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि यहां जैन धर्म के 20 तीर्थंकरों और बहुत से संतों ने मोक्ष प्राप्त किया था. इसी वजह से इस जगह को तीर्थराज माना गया है. यह मंदिर 200 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है और 4430 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित है.

6. सोनगिरी मंदिर

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ग्वालियर और झांसी के बीच में स्थित सोनगिरी मंदिर देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है. सोनगिरी मंदिर को ‘द गोल्डन पीक’ भी कहा जाता है. है. इस मंदिर के पास की पहाड़ियों पर 77 छोटे-छोटे जैन मंदिर हैं. जैन अनुयायियों के लिए सोनगिरी मंदिर प्राथमिक तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यही वह जगह थी, जहां पंद्रह लाख अनुयायियों ने एक साथ मोक्ष प्राप्त किया गया था. इस मंदिर में भगवान चंद्रप्रभु की 11 फीट ऊंची प्रतिमा है.

7. रणकपुर जैन मंदिर

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राजस्थान स्थित रणकपुर जैन मंदिर, जैन धर्म के पांच प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है. इस मंदिर का निर्माण 15वीं शताब्दी में राणा कुंभा के शासनकाल में प्रारम्भ हुआ था. यह मंदिर जैन पंथ के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण मंदिर होने के लिए जाना जाता है, जोकि भगवान आदित्यनाथ को समर्पित है.

8. गोमतेश्वर बाहुबली मंदिर

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कर्नाटक के मैसूर जिले में इन्द्रगिरि नाम की पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में 56 फुट ऊंची गोमतेश्वर बाहुबली की मूर्ति है. एक ही पत्थर से बनी यह मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. मान्यताएं यह भी कहती हैं कि बाहुबली जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ के पुत्र थे. यह जैन समुदाय का एक पवित्र स्थल माना जाता है.

9. अजीतनाथ मंदिर

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गुजरात स्थित इस जैन मंदिर का निर्माण 1121 में चलुक्या के राजा कुमारपाला ने करवाया था. इस मंदिर में कार्तिक और चैत्र के महीने में हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए आते हैं.

10. नारेली जैन मंदिर

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जयपुर के अजमेर में बने इस मंदिर को बनाने में 100 करोड़ रुपये की लागत आई थी. इसे साल 1994 में बनाया गया था. इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं.