वॉशिंगटन: महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों और गाइनेकोलॉजिस्ट से आपने अक्सर सुना होगा कि प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द की दवाएं नहीं लेनी चाहिए. यूनिवर्सिटी आॅॅॅफ एडिनबर्ग के शोधकर्ताओं ने इसी विषय पर अध्ययन किया कि आखिर ऐसा क्यों है. प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द की दवाएं खाने से प्रेग्नेंंसी पर क्या असर होता है.

शोधकर्ताओं का दावा है के प्रेग्नेंसी के दौरान दर्द की दवाएं लेने वाली मां के गर्भ में पल रहे बच्चे की फर्टिलिटी या उर्वरता पर असर होता है. यानी मां अगर पेनकिलर की खुराक लेती है तो इसकी आशंका बढ़ जाएगी कि गर्भ में पल रहे बच्चे को भविष्य में कोई संतान ना हो. दर्द की दवाएं नवजात के डीएनए पर असर डालती हैं.

अध्ययन की रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि कुछ दवाओं को जैसे कि पैरासिटामोल को भी प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत संभालकर इस्तेमाल करने की हिदायत दी जाती है. जबकि Ibuprofen से दूर रहने को कहा जाता है.

अध्ययनकर्ता का यह भी कहना है कि इन दवाओं के कारण बच्चे में विकलांगता आने का खतरा भी बढ़ जाता है. दूसरी ओर महिलाओं में जल्दी मेनोपॉज का खतरा भी रहता है. अध्ययनकताओं के अनुसार दर्द की दवाएं अंडाशय के सभी अंडों का उत्पादन जल्दी-जल्दी करती हैं. एक समय आता है जब अंडाशय खाली हो जाता है और कम उम्र में ही मेनोपॉज हो जाता है.