नई दिल्ली. आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है. इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दुनियाभर की सेहत को लेकर चिंता जताते हुए कुछ काम तय किए हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार आज भी दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी को इलाज की पूरी सुविधा नहीं मिलती. सौ मिलियन यानी करीब 1 अरब लोग आज भी आर्थिक तंगी की वजह से इलाज का खर्च नहीं उठा पाते हैं. वहीं दुनिया की करीब 12 फीसदी आबादी अपने घरेलू बजट में से मुश्किल से 10 फीसदी राशि ही सेहत संबंधी काम के लिए बचा पाती है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार संयुक्त राष्ट्रसंघ से जुड़े सभी सदस्य देशों ने वर्ष 2030 तक टिकाऊ विकास के लक्ष्य निर्धारित किए हैं. ऐसे में सेहत या स्वास्थ्य की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. ऐसे में वर्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने दुनिया के सभी देशों और वहां के लोगों के लिए कुछ सुझाव दिए हैं. डब्ल्यूएचओ ने विश्व स्वास्थ्य दिवस को लेकर एक अलग वेबसाइट ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज’ (UHC2030) बनाई है, जिसके जरिए उसने सदस्य देशों और वहां के नागरिकों को इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं. गौरतलब यह है कि ये सुझाव सिर्फ देश या देशों को चलाने वाले नेताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों और मीडिया को भी इसमें शामिल किया गया है, ताकि 2030 तक ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ का लक्ष्य पाया जा सके.

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भारत के संदर्भ में डब्ल्यूएचओ ने दिए ये सुझाव
डब्ल्यूएचओ ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मद्देनजर भारत के संबंध में भी कुछ सुझाव व आंकड़े जारी किए हैं. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एक साल तक के बच्चों का अभी 87 प्रतिशत तक टीकाकरण हो पाता है. 13 फीसदी बच्चे अब भी जन्म के बाद पड़ने वाले टीकों से महरूम रह जाते हैं. इसे शत-प्रतिशत के लक्ष्य तक ले जाना है. वहीं, भारत में अभी टीबी यानी तपेदिक के 44 प्रतिशत मरीजों का ही सफलतापूर्वक इलाज हो पाता है. यानी 66 प्रतिशत टीबी के मरीज आज भी इसके इलाज से वंचित हैं. ऐसे में हमें टीबी को जड़ से खत्म करने की दिशा में सार्थक प्रयास करना होगा. डब्ल्यूएचओ ने भारत में नीति-नियंताओं, नागरिकों और मीडिया के लिए इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कुछ काम तय किए हैं. इस वैश्विक संगठन का मानना है कि इन सुझावों पर अमल कर हम ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ के लक्ष्य को पा सकते हैं. आइए देखते हैं किस वर्ग के लिए क्या है काम.

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नीति-निर्माताओं के लिए
समस्या को पहचानें – डॉक्टर के लिए लंबी कतार, बीमारी की सही पहचान, महंगी दवाएं और असंतुष्ट स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की समस्या हमारे देश में है. इसे दूर करना होगा. इस राह में आने वाली बाधाओं को हटाना होगा. इसके लिए सूचना जुटाने और इससे संबंधित डाटा कलेक्शन का काम किया जाना चाहिए.
समाधान की तलाश – किसी समस्या की पहचान के बाद उसका समाधान क्या होगा, इस दिशा में प्रयास करें और इसमें आने वाली बाधाओं को दूर करें. यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के तहत कैसे समूचे देश के नागरिकों को इसका लाभ मिले, लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं कैसे सुलझेंगी, इसके लिए नीति बनाएं और उसे लागू करें.
आम जागरूकता – स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञ की मदद लेने, लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाना चाहिए. इसके लिए नागरिक सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए ताकि लोगों की समस्याओं के बारे में पता चल सके. सेहत संबंधी समस्याओं पर लोगों से बातचीत करने, स्टेकहोल्डर्स की मदद से रोडमैप बनाने जैसे काम किए जाने चाहिए.

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आम लोगों के लिए
जागरूक हों – डब्ल्यूएचओ के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज योजना को पढ़ें और जानें कि आप किस तरह अपने परिवार, स्कूल-कॉलेज या विश्वविद्यालय या अपने दफ्तर में लोगों को सेहत के प्रति जागरूक कर सकते हैं. यदि सेहत संबंधी किसी समस्या को लेकर अभियान चलाना हो तो इसके लिए क्या करना पड़ेगा, इसे जानें.
अपनी कहानी कहें – सेहत संबंधी अपनी या अपनों की कहानी दूसरों को बताएं. उस पर सुझाव लें, दूसरों के विचार जानें. अपनी या अपनों की कहानी और लोगों को भी सुनाएं ताकि उनमें भी सेहत के प्रति जागरूकता पैदा हो. सोशल मीडिया को आप इसके लिए अपना हथियार बना सकते हैं.
टेक एक्शन, डिमांड एक्शन – सामुदायिक स्वास्थ्य को लेकर बैठक करें, इससे आम लोगों को जोड़ें, सरकारी अधिकारियों को बैठक में बुलाएं ताकि जनता की समस्या ऊपर तक पहुंचे. आप स्कूल में पत्र-लेखन कार्यशाला करा सकते हैं जिसमें बच्चे अपने क्षेत्र के अधिकारियों को सेहत संबंधी पत्र लिखेंगे. सेहत के लिए काम करने वाले संगठनों की मदद करें.

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समाज के लिए
रोडमैप बनाएं – आप जिस समुदाय के हैं वह यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से जुड़ा है या नहीं, यह जांचें. उद्देश्यों की पहचान करें, लक्ष्य निर्धारित करें, किस क्षेत्र के लिए आप काम करना चाहते हैं यह तय करें. उसके बाद संबंधित क्षेत्र में किस तरह परिवर्तन लाया जा सकता है इसके लिए योजना बनाएं.
संपर्क बनाएं – अपने क्षेत्र में हेल्थ सेक्टर में काम करने वाले संगठनों या संस्थाओं से जुड़ें और उन्हें यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के बारे में बताएं. स्वास्थय संबंधी विभिन्न गतिविधियों के आयोजन की योजना बनाएं और उसे पूरा करने के प्रति भी दृढ़ रहें. इसके लिए आप सोशल मीडिया या मीडिया के अन्य माध्यमों का सहयोग ले सकते हैं.
समुदाय का सहयोग – आप अपने समुदाय के लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता के लिए एडवोकेसी प्रोग्राम चला सकते हैं. हर उस व्यक्ति की यह जानने में मदद करें कि अच्छा स्वास्थ्य जीवन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है.

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