भोपाल: एमपी के भिंड जिले में दो साल की एक बच्ची की मौत का मामला सामने आया है. एक मजदूर की दो साल की बेटी दो दिन से भूखी थी और इसके चलते उसने दम तोड़ दिया. बच्ची का पिता मजदूरी करता है, लेकिन ठेकेदार ने कई दिन काम कराने के बावजूद  मजदूरी का पैसा भी उसको नहीं दिया था. बच्ची की भूख से हुई मौत की खबर को सुनकर स्थानीय अधिकारी भुखमरी झेल रहे मजदूर के घर पहुंचे और 10 हजार रुपए की सहायता का चेेेक दिया.

मजदूरी के पैसे भी नहीं मिले
मिली जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी निवासी मजदूरी कल्याण सिंह काम की तलाश में परिवार सहित भिंड आया था. उसने बताया कि एक ठेकेदार के यहां उसे मजदूरी का काम मिल गया. कल्याण ने बताया कि वह कई दिन मजदूरी करने गया, लेकिन ठेकेदार नेे उसे पैसे नहीं दिए. पैसे मांगने पर उसे काम से ही हटा दिया. काम नहीं मिलने और पैसा नहीं होने से वह अपने परिवार के लिए खाने का इंतजाम भी नहीं कर पाया.

दो दिन से भूखी बच्ची ने तोड़ा दम
पिछले दो दिनों से तो उसके पास अनाज का एक दाना तक नहीं था. भूखी होने के कारण उसकी दो साल की बेटी की हालत बिगड़ने लगी. वह उसका इलाज भी नहीं करा सका और भूख से तड़पती बच्ची ने मंगलवार को दम तोड़ दिया.

कलेक्टर ने एसडीएम को भेजा मदद के लिए
रविवार को कल्याण अपनी बीमार बेटी को लेकर लेकर कलेक्टर कार्यालय भी गया, लेकिन छुट्टी होने के कारण वहां उसे कोई नहीं मिला. कल्याण और उसके परिवार की हालत देखकर किसी ने कलेक्टर को फोनकर इसके बारे में सूचना दी. कलेक्टर ने एसडीएम को पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए भेजा. भिंड के एसडीएम संतोष तिवारी ने बताया कि उन्होंने बच्ची को फौरन अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत ज्यादा खराब होने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए. (इनपुट-एजेेंसी)