नई दिल्ली. दलित संगठनों के सोमवार को भारत बंद का सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश में देखने को मिला. एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट को कथित तौर पर कमजोर करने के विरोध में आहूत इस बंद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य के कई शहरों में हिंसा फैल गई. इसमें जहां चार लोगों की मौत हो गई वहीं कई लोग घायल हो गए. राज्य में बंद से सर्वाधिक प्रभाव ग्वालियर शहर में देखा गया. यहां बंद के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के कारण हालात बेकाबू हो गए. स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासन को शहर के चार थाना क्षेत्रों और कुछ कस्बों में कर्फ्यू लगाना पड़ा. इसके अलावा राज्य के तीन अन्य शहरों में बंद के दौरान बिगड़े हालात के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन को धारा 144 लागू करनी पड़ी. इस बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदर्शनकारियों से प्रदेश में शांति की अपील करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने एससी-एसटी कानून को कथित तौर पर कमजोर करने के मामले में उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है.

भिंड में सेना बुलाए जाने की नौबत आ पड़ी
भारत बंद के दौरान हालात इस कदर तक बिगड़ गए कि स्थिति पर काबू पाने के लिए एक बार तो सेना तक को बुलाए जाने की नौबत आ गई. लेकिन बाद में त्वरित कार्य बल (आरएएफ) को बुलाया गया. आईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देउस्कर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि भारत बंद के दौरान हुए प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में ग्वालियर में दो, भिंड में एक और मुरैना में एक व्यक्ति की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मरने वालों की पहचान ग्वालियर के राकेश जाटव व दीपक जाटव, भिंड के महावीर राजावत और मुरैना के राहुल पाठक के तौर पर हुई है. आईजी ने बताया कि भारत बंद के दौरान बंद समर्थकों और बंद विरोधियों के बीच तनाव के चलते बालाघाट, सागर और दतिया में धारा 144 लागू की गई है. प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों से पथराव और लूट की भी कुछ सूचनाएं मिली हैं.

प्रदर्शन के कारण बंद की गई इंटरनेट सेवाएं
आईजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि बंद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में एक एसडीएम और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हुआ है. उन्होंने बताया कि ग्वालियर और चंबल संभाग में अफवाहों की रोकथाम के लिए इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं. इधर, मुरैना के एसडीएम उमेश शुक्ला ने समाचार एजेंसी को बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता राहुल पाठक की गोली लगने से मौत हो गई. प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा बढ़ने पर पूरे मुरैना शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

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ग्वालियर के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू
ग्वालियर संभाग के आयुक्त बीएम शर्मा ने समाचार एजेंसी को बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से ग्वालियर शहर के चार थाना क्षेत्रों, थाटीपुरा, गोला का मंदिर, हजीरा और मुरार में कर्फ्यू लगाया गया है. भिण्ड के एसपी प्रशांत खरे ने समाचार एजेंसी को दी गई जानकारी में बताया कि बंद के कारण हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए भिंड सहित जिले के मेहगांव, लहार, गोहद और मछेन्द्र कस्बे में कर्फ्यू लगाया गया है. जिले में प्रदर्शनकारियों द्वारा गोली चलाने से छह लोग घायल हो गए हैं. एक प्रत्यशदर्शी ने बताया कि भिंड में प्रदर्शनकारियों ने गोलमार्केट के पास धनवंतरी कॉम्प्लेक्स में लगभग 40-50 दुकानों सहित पांच वाहनों में तोड़फोड़ की. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर भिंड-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन के एक कोच में भी तोड़फोड़ की. उधर, आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय में भी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को लूट लिया इससे कस्बे में तनाव फैल गया है. प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शनकारियों ने आज प्रदर्शन के दौरान बोर्ड आफिस चौराहे पर डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की प्रतिमा के सामने चक्का जाम किया. मुरैना में प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को स्टेशन पर ही रोक लिया.

(इनपुट – भाषा)